उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने शनिवार को कोतवाली आटा सभागार में आयोजित सम्पूर्ण थाना समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं। अधिकारियों ने मौके पर ही अधिकतर शिकायतों का निस्तारण कर राहत दिलाई, जबकि लंबित मामलों में संयुक्त टीम गठित कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में कुल 11 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 09 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष दो मामलों में चकरोड पर मिट्टी डाले जाने और हैंडपंप संबंधी शिकायतें सामने आईं, जिनके समाधान के लिए राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर भेजने के निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाते हुए सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों और लेखपालों को चेतावनी दी कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में आने वाले हर प्रकरण से संबंधित खतौनी, सरकारी भूमि एवं अन्य जरूरी अभिलेख अनिवार्य रूप से साथ लाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई लेखपाल आवश्यक अभिलेखों के बिना पाया गया तो संबंधित लेखपाल के साथ-साथ एसडीएम और तहसीलदार की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
जिलाधिकारी ने पैमाइश, कुर्रा फांट, चकरोड और भूमि विवाद से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि 15 दिन के भीतर अभियान चलाकर सभी मामलों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां भूमि विवाद की स्थिति हो, वहां तत्काल चिन्हांकन कर राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर समाधान कराया जाए, ताकि आमजन को बार-बार तहसील और थाने के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने लेखपालों को निर्देशित किया कि गांववार पैमाइश, चकरोड, कुर्रा फांट और हैंडपंप संबंधी समस्याओं की सूची तैयार कर टीमों के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर मौके पर निस्तारण किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा है कि लोगों को उनके दरवाजे पर ही न्याय मिले और शिकायतों का वास्तविक समाधान सुनिश्चित हो।
बैठक में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में लगभग 88 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी है, जबकि शेष 12 प्रतिशत किसानों को अभियान चलाकर 15 जून तक संतृप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य की अधिकांश किसान हितैषी योजनाओं का लाभ फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से ही मिलेगा, इसलिए कोई भी पात्र किसान इससे वंचित न रहे।
इस दौरान तहसीलदार कालपी, प्रभारी निरीक्षक आटा सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।




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