माधौगढ़-प्रसव के दौरान कथित चिकित्सीय लापरवाही से नवजात शिशु की मौत के मामले में स्थानीय न्यायालय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र माधौगढ़ के तत्कालीन डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ आपराधिक वाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट जावेद खां ने मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही के प्रमाण पाए जाने के बाद यह आदेश पारित किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम अकबरपुरा, माधौगढ़ निवासी सन्देश सिंह की पुत्रवधू लीना को प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र माधौगढ़ में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि प्रसव के दौरान डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ द्वारा असावधानी और उपेक्षा बरती गई, जिसके चलते नवजात शिशु की मौत हो गई।

घटना के बाद पीड़ित परिवार ने न्यायालय की शरण ली। मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता संतोष कुमार यादव द्वारा प्रस्तुत तथ्यों एवं साक्ष्यों पर विचार करने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट जावेद खां ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्कालीन डॉक्टर कुलदीप, पूजा तथा नर्सिंग स्टाफ संगीता, आकांक्षा और मिथलेश के खिलाफ आपराधिक वाद दर्ज किए जाने के निर्देश दिए।

न्यायालय के आदेश के बाद पीड़ित परिवार ने संतोष व्यक्त किया है। परिवार का कहना है कि वह लंबे समय से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे थे और अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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