डिजिटल बोर्ड से बदली सरकारी स्कूलों की तस्वीर, बच्चों की पढ़ाई में बढ़ी रुचि

माधौगढ़-उरई। आधुनिक दौर में शिक्षा व्यवस्था तेजी से तकनीकी रूप ले रही है। अब सरकारी विद्यालयों में भी पारंपरिक ब्लैक बोर्ड की जगह डिजिटल बोर्ड ने लेना शुरू कर दिया है। प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में भी पढ़ाई का स्तर बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में रामपुरा विकासखंड के कन्या प्राथमिक विद्यालय ऊमरी, प्राथमिक विद्यालय नावर, प्राथमिक विद्यालय मकटौरा, श्रीमती राममूर्ति देवी कॉन्वेंट स्कूल तथा प्राथमिक विद्यालय बाबूपुरा में इंटरएक्टिव पैनल डिस्प्ले के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई कराई जा रही है।

इन विद्यालयों में बच्चों को अब केवल लिखकर ही नहीं, बल्कि वीडियो, चित्र एवं डिजिटल सामग्री के माध्यम से भी पढ़ाया जा रहा है। इससे बच्चों को विषयों को समझने में आसानी हो रही है और उनकी पढ़ाई में रुचि भी बढ़ी है। शिक्षक भी तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों को अधिक प्रभावी तरीके से शिक्षा दे पा रहे हैं।

रामपुरा ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह सेंगर ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार छात्रों को तकनीकी एवं कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि पहले विद्यालयों में शिक्षक सामान्य ब्लैक बोर्ड पर पढ़ाते थे, लेकिन डिजिटल बोर्ड लगने के बाद पढ़ाई और अधिक आसान एवं रोचक हो गई है।

उन्होंने बताया कि पहले शिक्षक केवल बोर्ड पर लिखकर समझाते थे, जबकि अब डिजिटल ब्लैक बोर्ड के माध्यम से विभिन्न प्रकार की सामग्री तुरंत उपलब्ध हो जाती है, जिससे बच्चों को विषय समझने में आसानी होती है। इसका सकारात्मक असर विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों में पढ़ाई के प्रति बढ़ती रुचि के रूप में दिखाई दे रहा है।

ब्लॉक प्रमुख ने बताया कि फिलहाल विकासखंड के 20 विद्यालयों में डिजिटल बोर्ड लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और भविष्य में सभी विद्यालयों में डिजिटल बोर्ड स्थापित कराने का प्रयास किया जाएगा।

Leave a comment

Recent posts