कुठौंद/उरई। गणेश नगर स्थित परशुराम इंटर कॉलेज में स्वर्गीय श्रवण कुमार द्विवेदी की पुण्य जयंती के अवसर पर पत्रकार सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में जिले के वरिष्ठ पत्रकारों, ब्यूरो प्रमुखों तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रीय युवा पत्रकारों ने भाग लिया। इस अवसर पर पत्रकारिता और समाज सेवा के क्षेत्र में स्वर्गीय द्विवेदी के योगदान को याद किया गया तथा पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत गीत के साथ हुआ। समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार केपी सिंह ने कहा कि 80 के दशक में क्षेत्र में डकैतों के आतंक और पुलिस के दबदबे के बीच ग्रामीण पत्रकारिता करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। ग्रामीण क्षेत्रों की घटनाओं और समस्याओं को समाचार पत्रों तक पहुंचाना आसान नहीं था। ऐसे कठिन दौर में स्वर्गीय श्रवण कुमार द्विवेदी ने ग्रामीण पत्रकारों का हौसला बढ़ाया और उन्हें मजबूती प्रदान की।
उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार राम नरेश द्विवेदी के पत्रकारिता जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विषम परिस्थितियों में पत्रकारिता करते हुए क्षेत्र की घटनाओं को जिला मुख्यालय तक पहुंचाया। उस दौर में सीमित संसाधनों के बावजूद घटनास्थलों तक पहुंचकर समाचार संकलन करना बड़ी चुनौती थी। उन्होंने कई महत्वपूर्ण घटनाओं की मौके पर पहुंचकर कवरेज की और पत्रकारिता के माध्यम से क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
उप्र जर्नलिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार अरविंद द्विवेदी ने स्वर्गीय श्रवण कुमार द्विवेदी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने पत्रकारों को मजबूती देने के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण संस्थानों की स्थापना कर समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य किए।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्रवण कुमार द्विवेदी निर्भीक पत्रकारिता के पक्षधर थे और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष भी स्पष्ट शब्दों में जनहित के मुद्दे उठाते थे। उनकी कार्यशैली में यदि किसी प्रकार की कमी पाई जाती थी तो उसे समाचार के माध्यम से सामने लाने में वे संकोच नहीं करते थे। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के हितों की रक्षा और उन्हें मजबूती प्रदान करने के लिए वह सदैव अग्रणी रहेंगे।
वरिष्ठ पत्रकार राम नरेश द्विवेदी ने कहा कि स्वर्गीय श्रवण कुमार द्विवेदी की पत्रकारिता में आम आदमी की चिंता प्रमुखता से दिखाई देती थी। उनकी कलम केवल खबर तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसमें जनसरोकारों की प्रतिबद्धता भी शामिल थी। उन्होंने कहा कि उनकी स्मृतियों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब पत्रकार समाज की आवाज बनने की अपनी जिम्मेदारी निरंतर निभाते रहेंगे।
युवा पत्रकारों ने भी वरिष्ठ पत्रकारों के मार्गदर्शन को पत्रकारिता की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पुराने दौर के पत्रकारों ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में जनसमस्याओं को उठाकर पत्रकारिता की एक सशक्त परंपरा स्थापित की है। नई पीढ़ी को उनके अनुभवों और मूल्यों से प्रेरणा लेकर अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए।
इस अवसर पर वक्ताओं ने स्वर्गीय श्रवण कुमार द्विवेदी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए पत्रकारिता और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्म प्रकाश द्विवेदी ने की, जबकि संचालन राघवेंद्र दोहोलिया ने किया। आयोजन समिति की ओर से अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
समारोह में वरिष्ठ एवं युवा पत्रकारों सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान विभिन्न पत्रकारों को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रशासन एवं स्टाफ ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सहयोग किया।





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