उरई। माधौगढ़ थाना क्षेत्र के कैलोर गांव में ट्रैक्टर हादसे के बाद हुए समझौते को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। घायल पक्ष को इलाज के लिए 40 हजार रुपये दिए जाने के बाद पुलिस के नाम पर कथित वसूली की शिकायत सामने आई। इसके बाद थानाध्यक्ष विनोद मिश्रा और भाजपा के एक युवा नेता के बीच कहासुनी हुई। घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर थानाध्यक्ष के विरोध में अभियान चलाए जाने की चर्चा है।

जानकारी के अनुसार, घायल के स्वस्थ होकर लौटने के बाद दोनों पक्ष समझौते के लिए जनप्रतिनिधियों के पास पहुंचे थे। थानाध्यक्ष के उरई में बैठक में होने के कारण उन्होंने उपनिरीक्षक संतोष सिंह को दोनों पक्षों से बातचीत कर समझौता कराने को कहा। इसके बाद घायल पक्ष को इलाज के लिए 40 हजार रुपये दिए गए।

इसी दौरान सुल्तानपुरा निवासी भाजपा के एक युवा नेता पर ट्रैक्टर पक्ष से पुलिस के नाम पर रुपये लेने का आरोप लगा। बाद में ट्रैक्टर पक्ष ने समझौते के बावजूद ट्रैक्टर न छोड़े जाने की शिकायत की। चितौरा निवासी केशवेंद्र सिंह ने भी थानाध्यक्ष से उपनिरीक्षक द्वारा पांच हजार रुपये लिए जाने की बात कही।

इसके बाद थानाध्यक्ष ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर पूछताछ की। उपनिरीक्षक ने रुपये लेने से इनकार किया, जबकि संबंधित युवा नेता ने कथित तौर पर रुपये दिलवाने की बात कही। इस पर थानाध्यक्ष ने पुलिस के नाम पर पैसे लेने और थाने में दलाली करने पर आपत्ति जताई। इसी घटनाक्रम के बाद उनके विरोध की बात सामने आई।

थानाध्यक्ष का कहना है कि उनका विरोध थाने की आड़ में कथित वसूली और दलाली करने वालों से है। पुलिस का काम जनता की समस्याओं का समाधान करना है, न कि उसके नाम पर किसी को अवैध रूप से धन लेने देना।

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