0 विद्यार्थी परिषद ने सौंपा ज्ञापन
02orai03उरई। नकल कराने का ठेका लेने वाले महाविद्यालय जिले में फलफूल रहे हैं। जिससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता रसातल में चली गई है। शिक्षा के इस बाजारी करण को विद्यार्थी परिषद सहन नही करेगा। यह अल्टीमेटम परिषद के नेताओं ने मंगलवार को अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार को उनके कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर दिया।
इसके पहले विद्यार्थी परिषद के नेताओं ने कलैक्ट्रेट में सभा आयोजित की जिसे संबोधित करते हुए जिला संयोजक उमेश तिवारी ने कहा कि जिले में उच्च शिक्षा का आलम क्या है इसका एक उदाहरण श्रीमती कस्तूरी देवी आदर्श महाविद्यालय है। जहां पूरे वर्ष में आज तक एक भी विषय की क्लास नही लगी है। प्रयोगात्मक परीक्षा के नाम पर अवैध तरीके से छात्रों से 300 सौ से 500 सौ रुपये तक ऐंठे गये। छात्रों को बिना पढ़े नकल कराने की गारंटी इस विद्यालय में दी जाती है। महाविद्यालय में जिन अध्यापकों के नाम का एप्रूवल है उनमें से कोई काॅलेज नही आता दूसरे लोग पढ़ाने आते हैं। महाविद्यालय के लिए आने-जाने का रास्ता सिचाई गूल को पाटकर बनाया गया है यह पूरी तरह गैर कानूनी है। इतनी अनियमितताओं के बावजूद न केवल उक्त महाविद्यालय को मान्यता मिल गई बल्कि विश्वविद्यालय ने इसे परीक्षा केंद्र भी बना दिया। यह तो एक उदाहरण है। जिले में 60 से भी अधिक प्राइवेट महाविद्यालय खुले हैं जो डंके की चोट पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय एवं यूजीसी के मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
सभा को संबोधित करते हुए डीवीसी के छात्र नेता उपेंद्र ठाकुर ने कहा कि पूर्व कुलपति डाॅ. अविनाश चंद्र पांडेय ने समस्त महाविद्यालयों में नकल रोकने के नाम पर सीसीटीवी कैमरे लगवाये थे लेकिन उसमें धोखाधड़ी की गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षा माफियाओं के काॅलेजों में सीमित सीसीटीवी लगवाये। जबकि छात्रों की अधिक संख्या को समायोजित कराने के नाम पर चहेते छात्रों को सीसीटीवी कैमरे से दूर कमरों में एडजस्ट करके नकल की पूरी सुविधा मुहैया कराई गई। गौरव दुबे, राजा चैहान, अर्पित शुक्ला आदि ने भी विचार प्रगट किये।

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