उरई। भीषण सूखे से जूझ रहे बुंदेलखंड में लोगों एवं पशुओं के प्रति संवेदनशीलता की लौ को और तेज करने के लिए आज सामाजिक पहल करते हुए सीएमएस स्कूल परिवार उरई के छात्र-छात्राओं, अध्यापकों एवं प्रबंधतंत्र ने कदौरा ब्लाॅक के ग्राम हांसा के प्राइमरी स्कूल परिसर में ग्राम प्रधान संजय अहिरवार एवं प्रर्व प्रधान रानी बाई चैहन की संयुक्त अध्यक्षता में सूखा पीडित बेहद गरीब 51 परिवारों को क्रमशः दस-दस किलो गेंहू, पांच-पांच किलो चावल, पांच किलों आलू, नमक व सब्जी, मसाला का पैकिट के साथ-साथ महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों को कपड़े भी वितरित किये।
इस दौरान आपदा निवारक मंच के संयोजक एवं प्रख्यात समाजसेवी रामकृष्ण शुक्ला ने कहा कि सीएमएस स्कूल के बच्चों व अध्यापकों ने समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस भीषण सूखे से निपटने के लिए जब एक छोटा सा स्कूल कुछ कर सकता है तो समाज के तमाम समर्थ लोग बहुत कुछ कर सकते हैं। प्रसिद्ध सर्जन डाॅ. रमेश चंद्रा ने कहा कि यह देखकर खुशी हो रही है। कि सूखे से निपटने के लिए छोटे-छोटे स्कूली बच्चे योगदान कर रहे हैं। इस संवेदनशीलता को देखकरण ऐसा लगता है कि इन बच्चों का भविष्य निश्चित तौर पर बेहतर होगा। शिक्षाविद् गोपाल कृष्ण अवस्थी ने कहा कि हम न तो सरकारी तंत्र है और न कोई एनजीओ। यह स्कूल अपने बलबूते पर छोटी-मोटी समाजसेवा करते हुए सूखे से जूझ रहे लोगों की मदद करने की कोशिश कर रहा है। सीएमएस स्कूल की प्रिसिंपल कमलेश शर्मा ने कहा कि बंुदेलखंड में सूखे की इस भीषण विभीषिका में हम ग्राम हांसा में सूखे के बीच पिस रहे लोगों के प्रति कोई उपकार करने नहीं आए हैं बल्कि भारतीय संस्कृति का जो मूल भाव है कि हमारे पास यदि एक रोटी है तो आपातकाल में चार टुकड़ों में एक-एक टुकड़ा पड़ोसी को देकर उसी से भूख मिटाने का प्रयास किया जाना चाहिए। हमारा प्रयास राम-रावण युद्ध के दौरान जो सेतु बांधने के लिए जिस तरह गिलहरी ने अपना योगदान दिया था वैसा ही छोटा-मोटा योगदान सूखा पीड़ित इस गांव के लिए स्कूल परिवार कर रहा है। यदि समाज के समर्थ लोग ऐसा प्रयास करें तो बुंदेलखंड के सूखा पीड़ितों को बहुत राहत मिल सकती है।
इस दौरान प्रबंधतंत्र के केपी सिंह सुन्नू, संजय सिंह, धीरज गुप्ता ने कहा कि हमारा यह प्रयास अन्य सूखा पीड़ित कुछ और गांवों में आगे भी जारी रहेगा। इस मौके पर समाजसेवी उत्तम सिंह, यादराम तिवारी, ब्रजेश तिवारी, भगवती मिश्रा, पंकज गुप्ता, जयप्रकाश, अर्पणा तिवारी, आरती दुबे, आकांक्षा, रजिया बेगम, उर्मिला सिंह, देवेश उदैनिया, अचल शर्मा, प्रकाश नारायण द्विवेदी, इलेक्शन वाच के शशि शेखर दुबे आदि ने भी विचार व्यक्त किये। इस दौरान आगामी मई माह को गरीब परिवार की बेटियों क्रमशः रचना गौतम, रीना अहिरवार समेत चार बेटियों को स्कूल परिवार की ओर से पांच-पांच साड़ियां व 501 रुपये दिये गये।
छात्र सार्थक गुप्ता ने पीड़ितो को दिये साढ़े पांच हजार
बुंदेलखंड के भीषण सूखे से जूझ रहे लोगों की मदद करने की जब करीब दस दिन पहले सीएमएस स्कूल में योजना बनी उसे सुनकर छात्र-छात्राओं अनुभव, अभिषेक, श्रेया, पलक, निकिता, साक्षी, पीहू, सुधांशु नेगी जी-जान स ेचंदा जुटाने में जुट गये। लेकिन कक्षा तीन के छात्र सार्थक गुप्ता की कुछ बात ही अलग थी। वह अपने माता, पिता, दादा, दादी के अलावा अपने करीबी रिश्तेदारों के साथ-साथ मुहल्ले में भी तमाम घरों में जाकर सूखा पीड़ितों के लिए चंदा मांग लाया। सार्थक ने जब अपने द्वारा इकट्ठा किये प्रबंध समिति को 5500 रुपये दिये तो सभी लोग आश्चर्य चकित रह गये। आज ग्राम हांसा में जब सूखा पीड़ितों को यह बात बताई गई कि आठ वर्षीय छात्र सार्थक गुप्ता ने उनके लिए साढ़े पांच हजार रुपये इकट्ठा किये है तो वहां मौजूद कई बुजुर्ग महिलाओं व पुरुषों के आंखों से खुशी व गर्व के आंसू बहने लगे।





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