कोंच-उरई। गुजरी 12 अक्टूवर को दिन दहाड़े तकरीबन बारह-एक बजे के आसपास मुंसिफ न्यायालय परिसर के ठीक सामने बाली गली में एक अधेड़ की दिनदहाड़े हुई नृशंस हत्या की एक सह अभियुक्त पुष्पा नाई पत्नी स्व. रामभरोसे निवासी उरई रोड गांधीनगर कोंच को आज कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित की है। पुष्पा और उसके दो बेटों सहित उनके अन्य साथियों ने मृतक बुद्ध सिंह को गली में दौड़ा दौड़ा कर मारा था। पुष्पा के दोनों बेटों जो मामले के मुख्य आरोपी हैं, को घटना के कुछ ही दिन बाद गिरफ्तार किया जा चुका था लेकिन पुष्पा फरार थी।
मुंसिफ न्यायालय के ठीक सामने प्रतिदिन की भांति 12 अक्टूवर को काफी चहल पहल बनी हुयी थी, कि तभी अचानक न्यायालय के ठीक सामने बाली गली से गोली चलने की आवाजें आईं जिससे वहां अफरातफरी और भगदड़ मच गयी। गोली लगने से वहां नजदीक ही रहने वाले तकरीबन 45 वर्षीय बुद्धसिंह पुत्र गोविंदसिंह निवासी ग्राम सुढार कोतवाली जालौन हाल निवासी कोंच की दिनदहाड़े गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी कालिंद्री ने बताया था कि कोंच में किराये के मकान में उनका परिवार रहता है। मकान खाली कराने को लेकर उसका मकान मालिकों वीरू और उत्तम नाई से विवाद चल रहा था, इसी विवाद के चलते उन्होंने अपने कुछ साथियों के साथ मिल कर उसके पति को गोली मार दी। आरोपी मूलतः यह विकास खंड कोंच के ग्राम गेंदोली के रहने बाले हैं लेकिन पिछले कई सालों से यह परिवार कोंच में मकान बना कर रह रहा है। मामले के दो मुख्य आरोपियों वीरू और उत्तम को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी लेकिन उनकी मां जो मामले की सह अभियुक्त है, पुलिस को लगातार छईछकोर खिला रही थी और घटना के चार माह बीत जाने के बाद भी वह पकड़ में नहीं आ पा रही थी। उसकी गिरफ्तारी के लिये हालांकि पुलिस ने अपने मुखबिरों को लगा रखा था लेकिन सफलता अब जाकर मिली है। दरअसल, उक्त महिला का छिपते छिपाते अपने कोंच स्थित घर में आना जाना लगा रहता था, आज मुखबिर की सूचना पर कोतवाल मनवीर सिंह, एसएसआई हरेन्द्रसिंह, एसआई रवीन्द्रकुमार त्रिपाठी आदि की टीम ने आज महिला के घर में छापा मार कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
बच्चों को लेकर हलकान रही पुलिस
हत्याभियुक्त पुष्पा को गिरफ्तार करने गई पुलिस उसके छोटे छोटे बच्चों को लेकर काफी हलकान रही। कोतवाल मनवीर सिंह की समझ में नहीं आ रहा था कि पुष्पा के दो छोटे बेटों और एक उनसे थोड़ी बड़ी बेटी जो अपनी मां की ही अभिरक्षा में हैं, का क्या किया जाये। मजबूरन उन बच्चों को भी पुलिस को कोतवाली लाना पड़ा। हालांकि बाद में उन्होंने उसके गांव गेंदोली में संपर्क करके उसके पड़ोसियों और रिश्तेदारों के सुपुर्द उन बच्चों को करके उसे जेल भेज दिया है।
अज्ञात अभी भी बना हुआ है अज्ञात
दिनदहाड़े हुई बुद्ध सिंह की हत्या के मामले में यद्यपि दो नामजद सहित तीन चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मृतक की पत्नी कालिंद्री ने कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी, पुलिस ने विवेचना करते हुये जो चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है उसमें मुख्य आरोपियों उत्तम और वीरू की मां पुष्पा का भी नाम उजागर हुआ था और ले दे कर एक अज्ञात रह गया था। घटना को लगभग चार माह हो चुके हैं लेकिन दिलचस्प यह है कि जो अज्ञात था वह अभी भी अज्ञात बना हुआ है। यानी उसकी पहचान खोल पाने में पुलिस अभी भी असमर्थ है।







Leave a Reply