Milky_way_broken_European (1)उरई। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के आवेदकों की सूची का सत्यापन करने में लापरवाही बरतने वाले दस अधिकारियों को चिन्हित कर चेतावनी जारी की गयी है। जिलाधिकारी ने समीक्षा में लापरवाही उजागर होने पर गहरी नाराजगी प्रकट करते हुए सीडीओ के निर्देश दिए कि जो अधिकारी शिथिलता बरत रहे हैं उनको स्पष्टीकरण जारी किया जाये। अगर फिर भी सुधार न आये तो उनका वेतन पर रोक लगा दी जाये।
गौरतलब है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद पात्र गृहस्थियों को नये राशन कार्ड जारी किये जा रहे हैं। इसमें जो लोग पात्रता की श्रेणी में नहीं आते हैं वह भी आवेदन किये हुए हैं। इसको लेकर कई शिकायतें अधिकारियों को मिल चुकी हैं। सूची वास्तव में सही बनाई गयी है या नहीं, अपात्रों के नाम सूची से हटाने और सूची में पात्रों के नाम शामिल करने के लिए जिलाधिकारी ने जिले भर में 56 अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर उन्हें गांवों में जाकर बैठक करने और सूची का सत्यापन करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें भी लापरवाही की जा रही है। कई अधिकारी इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। डीएम रामगणेश ने समीक्षा में इस लापरवाही को पकड़ा तो खासी नाराजगी प्रकट की। उनको पता चला कि एपीओ डूडा, बाल विकास परियोजना अधिकारी कोंच, वाणिज्य कर अधिकारी सहित दस अधिकारी गैर जिम्मेदारी दिखा रहे हैं। इस पर गहरी नाराजगी प्रकट करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिसके चलते सीडीओ ने अधिकारियों को चेतावनी जारी की है। साथ ही कहा है कि 16 फरवरी को विकास भवन सभागार में शाम 6 बजे बैठक रखी जायेगी जिसमें सभी सत्यापन अधिकारियों का रहना अनिवार्य है।

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