0 जिलाधिकारी से कीटनाशक दवाओं के छिड़काव करने की मांग की
23orai01उरई। किसानों के ऊपर मंड़रा रही संकट की काली छाया पीछा छोड़ने का नाम नही ले रही है। पहले खरीफ की फसल सूखा और अतिवृष्टि के कारण बर्बाद हो गई अब जब रबी की फसल का फूलने फलने का समय आया तो खतरनाक कीट माहू किसानों का निवाला छीनने में लग गई। जिससे किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच रहा है। इस बात की शिकायत आज ग्राम मुसमरियां एवं अटरिया के किसानों ने जिलाधिकारी को अपनी हो रही बर्बाद फसल दिखाते हुए की। साथ ही उसकी रोकथाम के लिए फसल में कीटनाशक दवाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की।
बुधवार को कलैक्ट्रेट पहुंचे अटरिया एवं मुसमरिया के कई किसानों ने अपनी सरसों की बर्बाद हो रही फसल को ले जाकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लंबरदार एवं बुंदेलखंड प्रभारी राजवीर सिंह जादौन के साथ पहुंचकर जिलाधिकारी रामगणेश को दिखई। फसल देखते ही जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिए और क्षेत्र के किसानों को कीटनाशक दवा उपलब्ध कराने के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। किसानों ने जिलाधिकारी को बताया कि प्राकृतिक आपदा के कारण किसान पहले से ही परेशान है। क्षेत्र का किसान खरीफ की फसल भी पैदा नही कर पाया। जब बारी रबी की आई तो गेंहूं, चना, सरसों आदि फसलों को कीट-माहू ने अपनी चपेट मे ले लिया। यह कीट-माहू फसल की पत्तियों एवं फूलों पर वार कर उनकों खत्म करने में लगी हुई हैं। किसान डाॅ. सत्यप्रकाश सिंह, शिवसिंह, रूपसिंह, रामपाल, सुरेंद्र सिंह, जेन्टल सिंह आदि ने बताया कि विगत एक सप्ताह से पूरे क्षेत्र में माहू का बहुत बुरा प्रकोप है। लाही के फूलों व फलियों को चूसकर बर्बाद कर दिया। इसी तरह चना, मटर, गेहूं व जौ की जिस फसल में फूलने के बाद दाने पड़ने लगे हैं उनको चूसकर माहू नष्ट कर रही है। माहू का प्रकोप इतना भयावह है कि खेतों में क्या रास्तों में चलने वाले पैदल एवं दोपहिया वाहन चालक भी कीट-माहू के आंखों में घुस जाने से परेशान हैं। इसके बचाव के लिए किसानों के पास कोई उपाय नहीं है। जिस पर जिलाधिकारी रामगणेश ने किसानों द्वारा लाई गई फसल देखकर एवं उनकी बात सुनकर किसानों को कीटनाशक दवा उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्र में दवा के छिड़काव किये जाने के भी आवश्यक निर्देश जारी कर दिये।

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