उरई। हाइवे पर इंडिगो कार लूटने के गत् वर्ष दर्ज हुए सनसनीखेज मामले का खुलासा कर दिया गया है। इस सिलसिले में दो लोग गिरफ्तार किये गये हैं। उनके कब्जे से लूटी गई इंडिगो कार भी बरामद हो गई है।
पुलिस अधीक्षक एन. कोलांची ने मंगलवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि तेलीबाग के निकट पीजीआई लखनऊ निवासी संजय दीक्षित ने 21 सितंबर 2015 को जिले के कालपी थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि उनकी इंडिगो कार नं. यूपी 32 एफवी 0581 हाइवे पर अज्ञात बदमाश उनसे मोबाइल फोन और दो हजार नगदी के साथ छीन ले गये। हालांकि पुलिस अधीक्षक का कहना है कि यह घटना कानपुर में हाइवे ब्रिज पर उस समय की गई थी जब संजय दीक्षित कानपुर के पनकी हनुमान मंदिर में दर्शन करने के लिए जा रहे थे। बदमाश मोटर साइकिल से आये और ओवरटेक करके उन्होंने इंडिगो रोक ली। इसके बाद वे इंडिगो में सवार हो गये और संजय दीक्षित को बांधकर मूसानगर ले गये जहां एकांत में ले जाकर उन्होंने संजय दीक्षित को खेत में फेंक दिया। गाड़ी लेकर चंपत हो गये।
इस सनसनीखेज घटना की एसटीटी और सर्विलांस टीम द्वारा संयुक्त रूप से की गई जांच के परिणाम स्वरूप वारदात को अंजाम देने वाले रिंकू गोस्वामी उर्फ तब्बल निवासी घाटमपुर हाल मुकाम स्टेशन के पास मटौंध और शकील निवासी अकबरपुर कानपुर देहात को मदारीपुर रोड पर जोंधरनाले के पास पकड़ लिया गया। जिनके कब्जे से लूटी गई कार भी बरामद हो गई। एसपी ने बताया कि शकील की पूर्व से क्रिमनल हिस्ट्री है। उसके खिलाफ डकैती और लूट के तीन मुकदमें फफूंद औरैया, अकबरपुर कानपुर देहात व कालपी कोतवाली में दर्ज हैं।
इस सिलसिले में एसपी ने एसआई आरिफ खान और कांस्टेबिल शोएब आलम, गौरव बाजपेयी, जगदीश चंद्र, सत्येंद्र सिंह, आलोक कुमार व अमित सचान की टीम को पांच-पांच हजार रुपये का पारितोषक प्रदान किया।







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