गुस्साई भीड़ ने आगजनी कर कई वाहन फूंके
उरई-महोबा रोड पर जाम हटवाने के लिए पहुंची पुलिस पर भी हमला

उरई। डकोर थाने के बंधौली घाट पर अवैध खनन के दौरान मौरम माफिया के गुर्गाें और ग्रामीणों के बीच पुलिस की मौजूदगी में धुआधार फायरिंग हुई जिसमें चार लोग घायल हो गये। बाद में भीड़ द्वारा की गई आगजनी में तीन ट्रक, एक बुलेरो और दो मोटर साइकिलें स्वाहा हो गई। लोगों ने घाट के पास बनी झोपड़ियों और सिंडीकेट के बैरियर को भी फूंक डाला। स्थिति तब और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई जब ग्रामीणों ने महिलाओं के साथ मोहम्म
दाबाद के पास उरई-महोबा प्रांतीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। रेंज डीआईजी, डीएम और एसपी कई थानों का फोर्स लेकर स्थिति संभालने के लिए पहुंचे इसके बावजूद भीड़ के तेवर ठंडे नही हुए।
गोली लगने से घायल गजेंद्र, बृषभान, लक्षचंद्र और हरिमोहन यादव को हालत नाजुक होने की वजह से जिला अस्पताल से रेफर कर दिया गया है। जाम लगाये भीड़ ने पुलिस अधिकारियों के साथ जमकर हाथापाई की। सीओ कोंच मनोज गुप्ता के सिर पर लाठी मारी गई लेकिन हेलमेट लगाये होने की वजह से उन्हें चोट नही पहुंची। महिलाएं जिलाधिकारी रामगणेश की गाड़ी के आगे लेट गई। डीएम ने इसके बाद मजिस्ट्रीयल जांच कराकर दोषियों को दंडित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह जांच हर हालत में 15 दिन में पूरी करा ली जायेगी। उधर पुलिस अधीक्षक एन. कोलांची ने मौरम माफिया के गुर्गों का साथ देने पहुंचे दो सिपाहियों में से एक धर्मेंद्र यादव को निलंबित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रीयल जांच की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस द्वारा भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।
आये दिन मौरम घाटों पर हो रहा गैंगवार
हाईकोर्ट के आदेश के कारण कानूनी तौर पर जिले के सभी मौरम क्षेत्रों में खनन बंद है लेकिन कागजी घोषणा से परे हकीकत को देखा जाये तो सभी घाटों पर अंधाधंुध खनन जारी है जिसके कारण आये दिन मौरम घाटों पर गैंगवार होता है। तीन महीने पहले कदौरा थाने के परासन घाट पर गैंगवार में दो लोग गोली लगने से आईसीयू में पहुंच गये थे। डेढ़ माह पहले डकोर थाने के ही सिमिरिया घाट पर गैंगवार हो गया था जिसमें एक व्यक्ति को गोली लग गई थी। साथ ही दो लाइसेंसी रायफलें माफिया के गुर्गे लूट ले गये थे। अवैध खनन वाले क्षेत्र के हर थानाध्यक्ष को लाखों रुपये की माहवारी मिलती है। लेकिन गैंगवार की घटनाओं से यह स्थिति उजागर हो जाने के बावजूद किसी थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जहमत अभी तक नही उठाई गई है। डीआईजी शरद सचान से बुधवार को हुई घटना के संबंध में डकोर थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की संभावना को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कुछ कहने से इंकार करते हुए एसपी से पूंछने के लिए कहा।






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