जालौन-उरई। पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों को लेकर भारतीय किसान संघ की आपात बैठक गल्ल मंडी परिसर में संपन्न हुई। जिसमें किसान संघ ने प्रदेश सरकार से पीड़ित किसानों को 50 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिए जाने की मांग की। बैठक के उपरांत किसान संघ के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित 7 सूत्री ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपते हुए उनकी समस्याओं का तत्काल निस्तारण कराए जाने की भी मांग की।
भारतीय किसान संघ की एक आपात बैठक गल्ला मंडी परिसर में संघ के ब्लाॅक अध्यक्ष यतींद्र कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रविशंकर निरंजन, प्रांतीय अध्यक्ष साहब सिंह चैहान, जिलाध्यक्ष अरूण कुमार सक्सेना, उपाध्यक्ष सुभाष द्विवेदी ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि गत दिनों हुई अतिवृष्टि व ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का आंकलन उपनिदेशक कृषि के साथ किया जाए तथा किसानों को मौके पर ही नुकसान का प्रतिशत बताया जाए। पीड़ित किसानों को अविलंब फसन बीमा दिलाया जाए।
इसके अलावा लगातार तीन साल से प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे किसानों की आर्थिक स्थित बेहद खराब हो चुकी है। ऐसी स्थिति में किसानों के सभी प्रकार के ़ऋण माफ किए जाऐं तथा निजी ट्यूबबैल व ग्रामीण क्षेत्र. के सभी बिल समाप्त किए जाऐं। तो वहीं, विगत वर्षो से जनपद में जो किसान बीमा राशि तथा शासन द्वारा देय मुआवजे की धनराशि से वंचित रह गए हैं, वह राशि भी किसानों को तत्काल उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित किसानों को 50 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिए जाने की भी मांग की। बैठक के उपरांत किसान संघ द्वारा जिलाधिकारी रामगणेश को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी प्रेमचंद्र यादव को सौंपते हुए किसानों ने मांग की कि उनकी समस्याओं का अतिशीघ्र निस्तारण कराया जाए। इस मौके पर अरूण सक्सेना, साहब सिंह, रविशंकर निरंजन, शिवराज निरंजन, राजेंद्र दूरबार, राजकुमार पटेल, जितेंद्र दूरबार, कृष्ण कुमार निरंजन, कृपाशंकर पालीवाल, रमेशचंद्र वर्मा, प्रभूदयाल, सुशील द्विवेदी, संतोष सक्सेना, बब्बू सिंह आदि सहित लगभग एक सैंकड़ा से अधिक किसान उपस्थित रहे।






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