0 ऐहतियातन प्रशासन हर वर्ष लेता रहता है संज्ञान
27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ceकोंच-उरई। हालांकि होली प्रेम और भाईचारे का त्योहार है और माना जाता है कि होली के रंगों में गिले शिकवे मिट जाते हैं, लेकिन कभी-कभी होली विवादों को जन्म देने वाली भी हो सकती है और समय रहते इन पर गौर कर लिया जाना ही बेहतर होता है। कोंच तहसील के तीन गांवों से ऐसी शिकायतें मिली हैं जहां होलिका दहन को लेकर अक्सर विवाद होते रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक कैलिया थाना क्षेत्र के ग्राम सुनायां में होलिका दहन को लेकर विवाद बताया गया है। हालांकि समय समय एसडीएम और सीओ मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेते रहे हैं और उभय पक्षों में वार्ता कर समझौता करा कर विवाद सुलटाने की कोशिशें करते रहे हैं। इस गांव में पप्पू बाल्मीकि की जगह में होली जलाई जाती है और उसने बर्ष 2008-09 में होली जलाये जाने पर एतराज जताया था और गांव के संतोष प्रजापति, लल्लू पंडित व लालजी कुशवाहा से उसका विवाद हुआ था। इसी थाना क्षेत्र के एक और गांव नरी में तो होली को लेकर हत्या तक हो चुकी है। मामला बर्ष 2006 का है जब प्रेमसिंह और चतुरसिंह की जगह में होलिका दहन नहीं होने देने के लिये एक अन्य समुदाय की ओर से एतराज जताया गया था और मामला यहां तक बढ़ा था कि एक हत्या तक हो गई थी। तीसरा मामला कोंच कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सैपुरा का भी है जहां 2011 में होलिका दहन की जगह को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था। इन सभी मामलों में प्रशासन हालांकि पहले भी संज्ञान लेता रहा है। अबकी दफा भी एहतियातन संज्ञान लेने की आवश्यकता है और मौकों पर जाकर स्थिति देख कर विवाद यदि कोई है तो उसे सुलटाना चाहिये ताकि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो सके।

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