उरई। जिस किसी भी पीड़ित को पुलिस स्तर पर न्याय नही मिल पायेगा उसके आंसू पोंछने का कार्य भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन द्वारा किया जायेगा। उसकी शियकात टीआईआर में दर्जकर आयोग भेजी जायेगी। आयोग की संस्तुति पर उस पीड़ित को सत्र न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराकर न्याय दिलाने का भरसक प्रयास किया जायेगा।
उक्त बात एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव देशराज नामदेव ने आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिला स्तर पर सत्र न्यायालयों में मानवाधिकार न्यायालयों की स्थापना हो चुकी है। जिसमें मुकदमें अपर जिला जज प्रथम के यहां विचाराधीन होगें। मुकदमों की पैरवी के लिए विशेष लोक अभियोजन भी नामित किये जायेंगे। पीड़ित चाहे किसी भी क्षेत्र का हो उसका वाद आयोग की संस्तुति पर जिला सत्र न्यायालय में चलेगा साथ ही जब पीड़ित की बात पुलिस नही सुनेगी तो एसोसिएशन पीड़ित से शपथ पत्र लेकर टीआईआर दर्ज करेगा। उसमें पूरी घटना का हवाला देते हुए सत्र न्यायालय में आईपीसी की धारा भी लगेगी। उन्होंने कहा कि जिला सत्र न्यायालय के माध्यम् से आरोपी को दंडित किया जायेगा एवं आरोपी द्वारा की गई घटना से पीड़ित की जो मानवीय क्षति हुई होगी उसे प्रदेश सरकार द्वारा क्षतिपूर्ति दिलाने का काम भी एसोसिएशन द्वारा किया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे देश में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर ऐसा प्रदेश बनकर उभरा है जहां पर जिला सत्र न्यायालयों में मानवाधिकार न्यायालयों की स्थापना हो चुकी है। जो कि अपर जिला जज प्रथम के यहां मामाले चलेंगे। पत्रकार वार्ता के दौरान जिला सचिव महिला संरक्षण हमीरपुर संतोष कुमारी, जिलाध्यक्ष जालौन संजय श्रीवास्तव, चंद्रशेखर अग्निहोत्री, राजनारायण मिश्रा एवं दिनेश पाराशर भी उपस्थित रहे।
मृतक सफाई कर्मी के परिजन को मिलेगी क्षतिपूर्ति
विगत माह शहर के सर्राफा बाजार स्थित पंसारी की दुकान के बाहर नाली की सफाई करते समय आ रहे करंट की चपेट में आने से सफाई कर्मी सोनू बाल्मीकि की मौत हो गई थी। इसे भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने संज्ञान में लेेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र भेेजकर मृतक के परिजन को प्रदेश सरकार से 10 लाख रुपये की आर्थिक क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है।
कचहरी में दबंगों द्वारा बेइज्जत की गई महिला को सौंपी 50 हजार की चैक
शहर के मोहल्ला इंदिरा नगर निवासी शिवदत्त तिवारी का मकान को लेकर विवाद जिला सत्र न्यायालय में विचाराधीन था। पैरवी के लिए शिवदत्त की पत्नी बृजेश तिवारी न्यायालय गई हुई थी तभी 21 दिसंबर 2013 को विरोधी पार्टी ने बृजेश तिवारी के साथ कचहरी परिसर में ही हाथापाई कर बेइज्जत किया। पीड़िता ने जब इसकी शिकायत पुलिस एवं तहसील दिवस में की लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। तब घटना को भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने संज्ञान में लिया और आयोग को पत्र भेजकर न्याय का अनुरोध करने के साथ-साथ क्षतिपूर्ति की मांग की जिस पर प्रदेश सरकार ने 50 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति पीड़ित महिला को दिये जाने की संस्तुति कर दी। आज एसोसिएशन के प्रदेश सचिव ने बृजेश तिवारी को 50 हजार रुपये की चैक सौंपी।






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