उरई। जनपद में खनन माफिया सत्ता के रौब में इस कदर हावी हैं कि वह हाईकोर्ट और जिला प्रशासन को खनन माफिया खुली चुनौती दे रहे हैं। पिछले 9 माह में जालौन-हमीरपुर जनपद की सीमा पर अवैध पुल बनाने और तोड़ने का सिलसिला चल रहा है, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी अभी तक पुल बनने का खेल खत्म नहीं हो रहा है। एक बार फिर खनन माफियाओं ने कालपी तहसील क्षेत्र में बड़ागांव व चंदरसी में अवैध पुल बना लिए हैं। इससे बेतवा नदी से अवैध मौरंग के ट्रकों का आवागमन शुरू हो गया। हालांकि जिलाधिकारी ने बेतवा पर अवैध पुल न बनें, इसके लिए तहसीलवार समिति गठित कर रखी है। इसके बाद भी पुल बन जाते हैं।
बेतवा नदी पर जालौन-हमीरपुर सीमा पर अस्थाई अवैध पुल बनने का खेल पांच-छह वर्षों से नौका घाट के नाम पर चल रहा था, लेकिन पिछले वर्ष हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अस्थाई अवैध पुलों को तोड़ने का फरमान दिया था। जिसके बाद जालौन-हमीरपुर सीमा पर बने अवैध पुलों को ध्वस्त कराकर डकोर, आटा व कदौरा थाना में खनन माफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए गए। इन मुकदमों के बाद कुछ दिन तक तो खनन माफिया शांत रहे, लेकिन फिर अवैध पुल बनाने का खेल शुरू हो गया। वर्तमान में कालपी तहसील क्षेत्र के बड़ागांव व चंदरसी में अवैध पुल बन गए हैं। इन दोनों पुलों के बनने की जानकारी क्षेत्रीय लोगों से लेकर तहसील प्रशासन व खनिज महकमे को हो गई है। इसके बाद भी इन्हें अब तक तोड़ा नहीं जा सका है। इस बारे में जिलाधिकारी रामगणेश ने कहा कि अवैध पुलों को तोड़ने और बेतवा नदी पर अवैध पुल न बने, इसके लिए टीमें गठित कर गई हैं। इस बारे में तत्काल कार्रवाई की जाएगी। जनपद में बेतवा नदी पर अवैध पुल किसी भी सूरत में नहीं बनने दिए जाएंगे।






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