उरई। समाजवादी पार्टी ने विधानसभा के अगले वर्ष होने वाले चुनाव के लिये आज उन क्षेत्रों में अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिये हैं जहां पार्टी के सिटिंग एमएलए नहीं हैं। इसमें कालपी क्षेत्र से विष्णुपाल सिंह नन्हू राजा को एक बार फिर रिपीट किया गया है। पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के नजदीकी रहे पूर्व कृषि मंत्री स्व.चौधरी शंकर सिंह के विष्णुपाल सिंह नन्हू राजा बेटे हैं। उन्हें विरासत का लाभ मिलने के साथ-साथ जिला पंचायत चुनाव में सब्र का परिचय देने का भी लाभ दिया गया है। दूसरी ओर माधौगढ़-कोंच विधानसभा क्षेत्र से कैबिनेट मंत्री अरिमर्दन सिंह के साले रामपुरा निवासी केशवेन्द्र का पत्ता इस बार समाजवादी पार्टी ने साफ कर दिया है। उनकी जगह पार्टी ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य लाखन सिंह कुशवाहा पर दाव लगाया है। लाखन सिंह कुशवाहा के नाम पर लोगों को बेहद आश्चर्य हुआ है क्योंकि उनकी गिनती उम्रदराज और सीधे-सादे नेताओं में होती है। जिससे वर्तमान राजनैतिक परिवेश में वे मिसफिट प्रतीत होते हैं। बहुजन समाज पार्टी के कार्यकाल में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव उनके हाथ से इसी शराफत के कारण फिसल गया था। बहुत से लोग कयास लगा रहे हैं कि लाखन सिंह के टिकट के पीछे बाबू सिंह कुशवाहा का आशीर्वाद हो सकता है। गौरतलब है कि माना जा रहा है कि अन्दरखाने में बाबू सिंह इन दिनों सपा सुप्रीमो के नजदीकी हो गये हैं। यह कयास इसलिये भी दमदार लग रहा है कि जीसीए कंपनी के लिये उन्होंने करोड़ों रुपये जमा कराया लेकिन इस कंपनी के दिन आजकल खराब चल रहे हैं जिसकी वजह से तगादा करने वालों का तांता लगा हुआ है। इस आरोप की वजह से अगर बाबू सिंह जैसा गाड फादर न होता तो समाजवादी पार्टी को उनके नाम पर मुहर लगाने के पहले सौ बार सोचना पड़ता। दूसरी ओर नन्हू राजा के टिकट के भी गहरे निहितार्थ हैं। जिला पंचायत चुनाव से अभी तक की राजनीतिक स्थितियों में बुन्देलखण्ड में समाजवादी पार्टी में मठाधीशी का केन्द्र काफी हद तक बदला है। नन्हू राजा को लगातार जारी वरदहस्त इसी की कड़ी माना जा रहा है।






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