0 ऊर्जा सलाहकार समिति की बैठक
04orai09उरई। विभाग पर शिकायतों की बौछार के बीच सफाई देने की बजाय मुस्करा देना विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशाषी अभियंता तरणवीर सिंह को मंहगा पड़ गया। उन्हें भरी मीटिंग में डीएम की फटकार का सामना करना पड़ा। इसके बाद शर्म के मारे बगलें झांकने के अलावा उनके सामने कोई चारा नही रहा।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ऊर्जा सलाहकार समिति की सोमवार को हुई बैठक में सभी दलों के जनप्रतिनिधियों के निशाने पर मुख्य रूप से बिजली विभाग रहा। सदर विधायक दयाशंकर वर्मा ने कहा कि विभाग की तिलिस्मी माया से उपभोक्ता और किसान परेशान हैं। आपूर्ति में समस्या की इस विभाग में कोई सुनवाई नही है जबकि रीडिंग का मानक क्या है यह उपभोक्ता नही समझ पाते। मनमानी वसूली से समाज का हर वर्ग परेशान है। भारतीय किसान संघ के प्रांतीय अध्यक्ष साहब सिंह चैहान ने कहा कि किसानों को नलकूप कनेक्शन के लिए खराब ट्रांसफार्मर दिये जा रहे हैं जो कि चार-पांच दिन में ही फुक जाते हैं। ट्रांसफार्मर के लदान का विभागीय ठेका होने के बावजूद कोई ठेकेदार न ट्रांसफार्मर उठाने जाता है और न ही लगाने। किसानों को इसके लिए खुद भाड़े पर गाड़ी करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि स्टोर में कोई भी सामान बिना सुविधा शुल्क लिये नही दिया जाता। मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह ने भी उनके आरोप का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने स्टोर पर जितनी बार छापा मारा ऐसी गड़बड़ियां मिली कि मन हुआ कि एफआईआर करा दें। माधौगढ़ के विधायक संतराम कुशवाहा ने कहा कि विभाग ने कहां खंभे लगवाये और कहा तार बिछवाये इसका कोई हिसाब-किताब नही है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सलाहकार समिति की बैठक में विभाग को विभिन्न मदों में मिले बजट और उसे कहां-कहां खर्च किया गया इसका ब्यौरा पेश करना चाहिए। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लंबरदार ने कहा कि मुख्यमंत्री भले ही किसानों को बंुदेलखंड में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति देने का एलान कर रहे हो लेकिन कई गांवों में अभी भी 8 से 9 घंटे ही बिजली दी जा रही है। यूनियन के बुंदेलखंड उपाध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन और एमएलसी यज्ञदत्त शर्मा के प्रतिनिधि भगवान दास त्रिपाठी ने भी बिजली विभाग पर कई आरोप जड़े।
डीएम ने बिजली विभाग के अभियंताओं से कहा कि वे इन बातों का जबाव दें लेकिन अभियंताओं ने अपनी खामोशी से जता दिया कि उनके पास कोई जबाव नही है। वितरण खंड द्वितीय के अधिशाषी अभियंता तरणवीर सिंह ने तो आरोपों की गंभीरता को हंसकर छल्ले बनाकर उड़ा देने की कोशिश की जिससे अध्यक्षता कर रहीं जिलाधिकारी संदीप कौर का मूड़ उखड़ गया। उन्होंने तरणवीर सिंह से कहा कि आपको शर्म नही आती। आपके विभाग की इतनी आलोचना हो रही है और आप सुधार का वायदा करने की बजाय हंस रहे हैं। इसके बाद शर्म से पानी-पानी तरणवीर सिंह ने सिर झुका लिया।
कोंच के एक नेता ने बैठक में शिकायत की कि उनके कस्बे के एसडीओ तो बहुत बड़े तुर्रम खां हैं। कल किसी फाल्ट के कारण कस्बे में आपूर्ति ठप्प हो गई थी जिसे तत्परता पूर्वक न सुधारे जाने की वजह से सुबह पानी का संकट खड़ा हो गया। उन्होंने एसडीओ को फोन किया तो वे बोले हर छोटी-मोटी बात एसडीओ ठीक नही करता। डीएम ने तत्काल कहा कि एसडीओ कोंच को शाम तक जिला मुख्यालय पर बुलाओ। बैठक में नये सिचाई नलकूपों की भी चर्चा हुई। डीएम ने कहा कि यह नलकूप ऐसी जगह स्थापित किये जायें जहां सिंचाई के अन्य साधन नही हैं। कृषि बीमा के प्रीमियम की अधिक दर से वसूली का मुददा भी उठा। उपनिदेशक कृषि प्रसार अनिल पाठक ने कहा कि अपै्रल से नई फसल बीमा योजना में प्रीमियम की दरें काफी घटाकर लागू की जायेंगी। ओला और अतिवृष्टि से हुए नुकसान का सही सर्वे न होने की शिकायत पर डीएम ने कहा कि अगर ऐसा है तो दोबारा सर्वे करा लिया जायेगा। उन्होंने 7 अप्रैल को इसके लिए बैठक बुलाकर चर्चा करने के निर्देश दिये।

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