0 डीएम ने जारी किया कड़ा परिपत्र
0 सार्थक निस्तारण के लिए रजिस्टर बनाने की हिदायत
04orai01उरई। पीड़ितों से मुलाकात के निर्धारित समय में दफ्तर से गोल रहने वाले अधिकारियों की अब खैर नही होगी। नई जिलाधिकारी ने ब्लाॅक से लेकर तहसील और जिला स्तर तक के सभी कार्यालयाध्यक्षों के लिए परिपत्र जारी कर उन्हें आगाह किया है कि शासन ने प्रत्येक कार्य दिवस में सुबह 10 बजे से मध्यान्ह 12 बजे तक का समय आम लोगों की समस्याओं की सुनवाई के लिए तय किया है। इसके बावजूद कई कार्यालयाध्यक्ष इस समय में दफ्तर से नदारत रहते हैं। इसके कारण फरियादियों को भटकना पड़ता है। सुदूर क्षेत्र के लोग अधिकारी के न मिलने से प्रशासन को कोसते हुए बैरंग वापस लौटते हैं। यह तरीका नही चलेगा। उक्त समय में चाहे ब्लाॅक के अधिकारी हो या तहसील और जिले के अपने कार्यालय में उपस्थित मिले और आने वाले लोगों की परेशानियां सुनकर उनका प्रभावी निस्तारण करायें। यदि किसी कारणवश उन्हें अपनी तैनाती के मुख्यालय से बाहर जाना पड़ता है तो कार्यालयाध्यक्ष की जिम्मेदारी है कि वह अपने दूसरे सक्षम सहयोगी को मुसीबतजदा लोगों से मिलने के लिए अधिकृत करके जायें।
जिलाधिकारी संदीप कौर ने जन समस्याओं के निस्तारण की फुलप्रूफ व्यवस्था के लिए उक्त परिपत्र में यह भी निर्देशित किया है कि प्रत्येक कार्यालय में आगंतुकों के प्रार्थनापत्र दर्ज करने का रजिस्टर बनाया जाये। निर्धारित समयावधि में इसके निस्तारण हेतु की गई कार्रवाई को भी रजिस्टर में अंकित किया जाये। साथ ही साथ फरियादी को निस्तारण के बारे में सूचित करने की व्यवस्था भी की जाये। उन्होंने कहा कि आने वाले फरियादी का मोबाइल नंबर प्रार्थनापत्र पर लिखवा लिया जाना चाहिए। तांकि कार्यालयाध्यक्ष उससे अधीनस्थ द्वारा दी गई निस्तारण की रिपोर्ट के बाबत तस्दीक कर सकें। जिलाधिकारी ने कहा है कि इस व्यवस्था के प्रति गंभीरता न दिखाने वाले कार्यालयाध्यक्ष पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी।

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