
व्यापारी हत्याकांड को लेकर जालौन में बंदी और नारेबाजी
उरई। कस्बा जालौन में लुटेरों द्वारा गोली मारे जाने से घायल व्यापारी की रात में ही जिला अस्पताल में मौत के बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा। रविवार को लोगों ने विरोध स्वरूप जालौन का बाजार पूरी तरह बंद रखा।
झंडा चौराहे पर सीओ कुलदीप सिंह और फोर्स के सामने पुलिस प्रशासन एक काम करो चूड़ी पहनो मांग भरो के नारे गुंजाये। माहौल की नजाकत भांपते हुए पुलिस के अधिकारी सिर झुकाये इस नारेबाजी को सुनते रहे। नारे लगाने वालों में व्यापारियों के अलावा राजनैतिक पार्टियों के कार्यकर्ता भी शामिल थे।
इस मामले में मृतक राजेश अग्रवाल के भाई लालजी अग्रवाल की तहरीर पर पुलिस ने लूट और हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। तहरीर में लुटेरों की संख्या तीन बतायी गयी है। लालजी के मुताबिक लुटेरे लगभग साढ़े आठ बजे राजेश की दुकान पर पहुंचे और गोलक लूटने की कोशिश करने लगे। राजेश ने रोका तो उन्होंने गोली मार दी। हालांकि तहरीर में यह स्पष्ट नहीं है कि लुटेरे दुकान की रोकड़ लूटकर ले जा पाये हैं या नहीं।
पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने व्यापारी की मौत की खबर मिलते ही रात में ही जिला अस्पताल पहुंचकर मामले की छानबीन का मोर्चा संभाल लिया था। हालांकि जांच की प्रगति के नाम पर अभी तक पुलिस को अंधेरे में ही तीर चलाने पड़ रहे हैं। जन चर्चाओं में दो लोगों के नामों की खुसर फुसर हो रही है। इनमें एक शातिर बदमाश है जो पहले भी लूट की कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस को भी इस सुगबुगाहट की भनक है लेकिन अभी तक कोई ऐसा ठोस सुराग हाथ में नहीं आया जिससे यह पुख्ता हो सके कि उक्त नाम पक्के तौर पर सही है।
तनाव को देखते हुए अपर जिला मजिस्ट्रेट आनंद कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक शकील अहमद ने सुबह से ही जालौन कोतवाली पहुंचकर डेरा डाल दिया था। उन्होंने राजेश अग्रवाल के परिजनों और व्यापारी नेताओं से वार्ता की। उनके समझदारी भरे रुख का नतीजा यह रहा कि दोपहर बाद तक आक्रोशित भीड़ काफी हद तक नरम हो गयी थी। भले ही बाजार न खुला हो लेकिन इसके कारण किसी उग्र प्रतिरोध का अंदेशा टल गया है।






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