10orai10दमकल हुई फेल, ग्रामीणों ने धूल फेंक कर पाया आग पर काबू
कोंच-उरई। आज दोपहर समीपस्थ ग्राम घुसिया में गेहूं कटने के बाद डंठलों में लगी आग ने तेज हवाओं का संसर्ग पाकर जब अपना रौद्र रूप दिखाया तो वहां हाहाकार मच गया। देखते ही देखते आग ने अगल बगल के खेतों को जब अपना निशाना बनाना शुरू किया तो वहां कई लोगों की खेतों में रखी सरसों की फसलें जल कर खाक हो गईं। सूचना पर पहुंची दमकल भी वहां फेल दिखी, उसका पानी खत्म हो जाने और पानी की वैकल्पिक नहीं हो के कारण उसके पास हाथों पर हाथ धरे रहने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा था। बहरहाल, ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी और धूल आदि फेंक कर आग पर काबू पाया।
एक तरफ ऊपर बाले की मुंदी मार से बैसे ही किसान खून के आंसू रो रहे हैं तो दूसरी तरफ मानव निर्मित व्याधियां उसकी कमर तोडऩे में लगी हैं। मिली जानकारी के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम घुसिया में लल्लू समेले के खेतों में कटाई के बाद खड़े रह गये दस एकड़, श्रीराम लोधी की छह एकड़, रम्मेश के 12 एकड़ के खेतों के डंठलों में आग लग गई। आग लगने का कारण फिलहाल अभी भी अज्ञात बना हुआ है। जिस वक्त आग लगी उस वक्त तेज हवायें भी चल रही थीं जिसके चलते आग ने अगल बगल के खेतों में पैर पसार लिये और शैलेन्द्रसिंह यादव घुसिया की नौ बीघे, शिव नारायण पटैरया घुसिया की बीस बीघे सरसों की फसलें स्वाहा हो गईं। वहीं महेश पुत्र लालाराम अहिरवार चंदुर्रा की 3 एकड़ की गेहूं की फसल रखी थी जो बाल बाल बची। सूचना पर पहुंची दमकल ने हालांकि शुरूआती काम किया लेकिन बाद में पानी खत्म होने के कारण वह असहाय हो गई। सुरही चौकी के सिपाही भी मौके पर पहुंच गये थे। जायजा लेने पहुंचे तहसीलदार ने लौट कर बताया कि फसल किसी की नहीं जली है केवल डंठल जले हैं।

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