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प्रशासन ने नहीं निकलने दिया रामनवमी का जुलूस

बिना परमीशन के निकालना चाह रहे थे जुलूस
घंटों हलकान रही पुलिस, ऊपर के अधिकारी हड़काते रहे अधीनस्थों को
कोंच-उरई। कोंच में आज रामनवमी के जुलूस को लेकर भारी बबाल रहा। बिना परमीशन के जुलूस निकालने की कोशिश कर रहे रामभक्तों को जब अधिकारियों ने जुलूस निकालने से रोका तो अपनी जिद पर आमादा रामभक्तों की भीड़ जय श्रीराम के नारे लगाते हुये आगे बढी लेकिन पुलिस ने उनका रास्ता रोक लिया जिसके चलते रामभक्त वहीं मलंगा नाले पर बने श्रीराम द्वार पर धरने पर बैठ गये और वहीं जय श्रीराम का उद्घोष करने लगे। काफी देर तक यह नौटंकी चलती रही और एक बार फिर रामभक्त जोश में आकर जुलूस निकालने पर जब आमादा दिखे तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और सागर चौकी में थोड़ी देर बिठाने के बाद छोड़ दिया।
हालांकि कोंच में रामनवमी पर विगत बर्षों में जुलूस की परंपरा नहीं रही है लेकिन अबकी दफा कतिपय हिंदूवादियों ने रामलला मंदिर से शाम तीन बजे जुलूस निकालने की प्लानिंग कर डाली। धीरे धीरे भगवा पताकाओं के साथ वहां रामभक्त युवाओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई और थोड़ी ही देर में लगभग दो सैकड़ा युवा वहां इकट्ठा हो गये जिनमें अंकित चंदेरिया, ऋषि अग्रवाल, नितिन सोनी, नीरज जग्गू, अंकित तिवारी, अमित व्यास, सुमित व्यास, रोहित, रजनीश, आदेश पटेल, रामजी अग्रवाल, विकास, निखिल, रघु शर्मा, अमित राठौर, रिंकू झा, आकाश अग्रवाल आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे। डीजे भी मंगा लिया गया और उस पर श्रीराम के उद्घोष के कैसेट बजने लगे। इसकी खबर जब प्रशासन को लगी तो सीओ अवधेश कुमार शुक्ला, तहसीलदार भूपाल सिंह, कोतवाल मनवीर सिंह के अलावा सभी चौकियों और कोतवाली के दरोगा रवीन्द्र त्रिपाठी, जयवीर सिंह, राजवीर सिंह, दिनेश यादव, उदयपाल सिंह तथा भारी संख्या में पुलिस फोर्स रामलला मंदिर पहुंच गये और परमीशन नहीं होने के कारण जुलूस नहीं निकलने देने की बात कही। प्रशासन के इस रुख से भड़के रामभक्तों ने भी तैश में आकर जुलूस निकालने की एक बार फिर कोशिश की लेकिन पुलिस ने उनका रास्ता रोक लिया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान स्थानीय अधिकारी जिले के आला अधिकारियों को पल पल की रिपोर्ट देकर वहां से निर्देश प्राप्त करते रहे। इसी बीच एक समय ऐसा भी आया जब रामभक्त अपना रूट कम करने पर भी राजी हो गये और प्रशासन ने उस रूट का जायजा भी ले लिया था, कुछ देर के लिये ऐसा लगा कि शायद अपने घेरे में प्रशासन इस छोटे से रूट पर जुलूस को जाने देंगे लेकिन थोड़ी ही देर में उच्चाधिकारियों के सख्त तेवरों ने स्थानीय अधिकारियों के पसीने छुड़ा दिये। अंततोगत्वा प्रशासन जुलूस नहीं निकलने देने और रामभक्त हर कीमत पर निकालने पर जब आमादा दिखे तो फिर प्रशासन अपनी पर उतर आया और तकरीबन दर्जन भर रामभक्तों शैलेष सोनी, मिरकू महाराज, सूर्यदीप सोनी, सुमित झा, आशुतोष रावत, रामराजा निरंजन, रहीस यादव, सांसद प्रतिनिधि अनुरूद्घ मिश्रा, सौरभ मिश्रावैभवकुमार, पारस वर्मा आदि को गिरफ्तार करके सागर चौकी उठा लाई। थोड़ी देर वहां बिठाने के बाद उन्हें जाने दिया गया। तहसीलदार भूपालसिंह और सीओ अवधेशकुमार शुक्ल का कहना रहा कि इन लोगों को नियमत: इस कार्यक्रम की स्वीकृति लेनी चाहिये थी, बिना स्वीकृति के वह कतई जुलूस नहीं निकलने दे सकते।

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