0 आल इण्डिया नातिया मुशायरे में सायरों ने बांधा समा
0 सरकार पदम शाह के उर्स में उमड़ा जन सैलाब
16orai0316orai04 उरई। सारे इंसान खुदा के बंदे हैं, दुनियां में हमदर्दियों के साथ जिया जाये और इबारतों पर घंमड न करके सभी इंसान के जज्बात की कद्र की जाये। यह पैगाम देते हुए सरकार पदम शाह बाबा का सालाना चार रोजा उर्स का कल चादर पोशी के बाद एतिमाम बज्में नातिया मुशायरे का इन्काद किया गया। नातिया मुशायरे में जहां प्रमुख शायरों ने अपने कलाम पेश किये वहीं सुन्नियों की अकीदत के मरकज से चलकर आये सैय्यदी सरकार मुफ्ती अब्दुल वहीद साहब कदौरा ने नातिया मुशायरा की सदारत की और हाजिर होकर जिक्रे मुस्तफा और बलनदियां बखशी नातिया मुशायरे का आगाज हाफिज यूसुफ कादरी ने तिलावते कुरान पढ़कर किया। जब शायरों ने आका-ए-नामदार रहमते परवर दिगार की शान में नात नवी पढ़ी तो सामाईन हजरातों को जैसे नयी रवानी मिल गई हो और मजमा अगला शेर सुनने के लिए तड़पने लगा। फर्रूखाबाद से तशरीफ लाये शायर शकील आरवी ने पढ़ा दर ख्वाजा पर खड़ा है तो खड़े रहने दे, रोज मेहशर में पड़ा है तो पड़ा रहने दो, वारिसी रंग चढ़ा है तो चढ़ा रहने दो, मेरे ख्वाजा, मेरे ख्वाजा, छोड़ के आपका दर मैं अब कहां जाऊंगा, मेरा दामन किसी के तारे में पड़ा रहने दें, इसके बाद कलीम दानिश कानपुरी ने पढ़ा- चाहने वालों का ईमान बने बैठे हैं यानि इंसान की पहचान बने बैठे हैं, हिंद वालों मेंरे ख्वाजा की करामात देखो आठ सौ साल से सुल्तान बने बैठे हैं। शायरों की मनकबत सुनकर सारा मजमा नारे तकवीर अल्ला हो अकबर के नारों से सारा माहौल गूंजने लगा। इसके बाद वहीद अंसारी मालेगांव सलीम रजा नागपुरी, साने आलम बहराइज, अरसद वारसी ऐरसी, बसीम उन्नावी, अजहर कादरी, उजेफा सफवी, शान आफरीदी, अबुजर सफवी व वामिक सफवी, दिलशाद रजा उरई ने नात पाक पढ़कर वाहवाही लूटी। प्रोग्राम का संचालन कर रहे हिंदुस्तान के मशहूर व मारूफ संचालक यूसुफ रजा सम्भवी ने अपने इल्मो फन का मुजाहरा पेश करते हुए एक शेर सुनाया जो पूरे मुशायरे की जान कहा जाये तो गलत न होगा। उन्होंने कहा हबीवे खुदा जरूरत पड़ेगी शाहे अमबिया की जरूरत पड़ेगी, कयामत में अपने हो या गैर सबको मुस्तफा की जरूरत पड़ेगी। प्रोग्राम की व्यवस्था अध्यक्ष मुहम्मद आरिफ कादरी, मुमताज रहमानी पूर्व अध्यक्ष जमाल छोटे, संयोजक कृपाशंकर द्विवेदी बच्चू महाराज, इबादत अली, संजू दुबे, शाबिर कुरैशी, सुशील द्विवेदी, रिजबान मास्टर, जुबैर आलम, भूरे शाह, चुन्नू इण्डिका, मुन्ना मोटर, एजाज पेंटर, मुन्ना कैसिट, सहादत अली, अरसद कादरी आदि अनेक लोगों ने संभाली।

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