11orai02जालौन-उरई। आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन समय से कराने में मुख्य सेविका अपनी अहम भूमिका निभाऐं। केंद्र बंद मिलने पर कार्यकत्री के अलावा मुख्य सेविका भी जिम्मेदार होगी। दोनों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उक्त निर्देश बाल विकास परियोजनाधिकारी ने ब्लाॅक परिसर में एक बैठक के दौरान कही। वहीं, निरीक्षण के दौरान धंतौली, उरगांव तथा सिहारी पड़ैया के केंद्र बंद पाए गए। जिस पर सीडीपीओ ने कार्यवाही करने के आदेश जारी किए।
बाल विकास परियोजनाधिकारी विमलेश आर्या ने ब्लाॅक परिसर में एक बैठक के दौरान उपस्थित सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के अलावा मुख्य सेविका को निर्देश देते हुए कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशन पर प्रत्येक लाभार्थी बच्चा तथा गर्भवती व धात्री महिलाओं को शासन द्वारा दी जाने वाली योजनाओं का लाभ मिले। इसके अलावा सभी केंद्र प्रातः 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य तौर पर खुलने चाहिए। अगर केंद्र बंद पाए गए तो जितनी जिम्मेदार कार्यकत्री होगी उतनी ही जिम्मेदार मुख्य सेविका भी होगी। इसलिए मुख्य सेविका सुनिश्चित करें कि आंगनबाड़ी केंद्र समय पर खुले होने चाहिए। अन्यथा की स्थिति में दोनों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। निरीक्षण के प्रथम दिन धंतौली, उरगांव तथा सिहारी पड़ैया में बने केंद्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमें उरगांव में एक केंद्र को छोड़कर अन्य सभी गांवों में केंद्र बंद पाए गए। जिसमें उरगांव में कांती देवी, रूबी, अंजना, महादेवी धंतौली में उर्मिला, ममता, पुष्पा, रामूर्ति देवी के खिलाफ कार्यवाही की गई। इसके अलावा सिहारी पड़ैया में माॅडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाने की भी संस्तुति की गई। जिसके लिए प्राथमिक विद्यालय के पास जगह निश्चित की गई।

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