महेबा-उरई। सिरसा कलार थाने के जरारा गांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान का जनाजा उठ चुका है। गांव-गांव में स्वच्छता दूत बनाकर हर गली घर को साफ-सुथरा बनाने के बड़बोले बोल गांव के प्राइमरी स्कूल में दम तोड़ रहे हैं। स्कूल के हैंडपंप का गंदगी के कारण दूषित पानी पीकर तमाम बच्चे बीमार हो चुके हैं। फिर भी प्रशासन को फिक्र नही है।
जरारा गांव में प्राथमिक विद्यालय के हैंडपंप का चबूतरा नदारत है। ग्रामीण रमन, फूलसिंह, देव सिंह और मनोज आदि ने बताया कि हैंडपंप के चारों ओर कीचड़ और गंदगी का साम्राज्य है। इसके कारण हैंडपंप से दूषित पानी निकलता है। बच्चे इसी पानी को पीने के लिए मजबूर होते है जिससे उन्हें बीमारियों की सौगात मिल रही है। प्रधान व बेसिक शिक्षा विभाग को इस बारे में बताया गया। लेकिन हैंडपंप के आसपास के स्थान की सफाई के लिए कोई जुम्बिश अभी तक नजर नही आई है। अभियान के नाम पर जब केवल शोशेबाजी करना उददेश्य हो तब ऐसी ही स्थिति सामने आती है।
उधर गांव का सूखा पड़ा तालाब प्रशासन द्वारा सभी तलाब भरे जाने के दावे की सरेआम खिल्लिया उड़ा रहा है। बीडीओ से पूंछा तो उनका कहना था कि मनरेगा के तहत बने इस तालाब के आसपास न तो कोई नलकूप है और न ही इसे नहर से भरा जा सकता है वे क्या करें। उन्हें कुछ नही करना, करना तो अभागे गांव वालों को है जो सूखे तालाब की वजह से प्यास से अपने मवेशियों को तड़पते न देख पाने की वजह से उन्हें औनेपौने दामों में बेंचकर अपनी किस्मत पर आंसू बहा रहे हैं।







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