उरई। मैडम जालौन के एसडीएम और कोतवाल तो मिले हुए हैं। आप ही हमारे गांव को जमीदोज होने से बचा सकतीं हैं वरना खनन माफिया तो खोदखोद कर गांव को रसातल में दफन करके ही छोड़ेंगे।
जालौन ब्लाॅक के प्रतापपुरा गांव में पिछले एक वर्ष से अनवरत चल रहे अंधाधुंध मिटटी खनन की शिकायत करने ग्रामीण ने यह बात जिलाधिकारी संदीप कौर के सामने गुहार लगाते हुए कही। उसने कहा कि गांव के लोग तो निराश होकर घर बैठ गये थे लेकिन जब सुना कि जिले में बदलाव होने से अब कोई कार्रवाई हो सकती तो वे आपके पास चले आये। जिलाधिकारी उसके शब्दों को सुनकर पहले तो सन्न रह गई इसके बाद उन्होंने कोई कमेंट किये बिना सीधे खनिज अधिकारी को फोन मिलवाया और उनसे कहा कि वे खुद जाकर प्रतापपुरा में देखें। ताकीद करने के अंदाज में जिलाधिकारी ने उनसे दो टूक कहा कि हर हालत में खनन स्थायी तौर पर बंद होना चाहिए।
गौरतलब है कि प्रतापपुरा का नाम अवैध खनन के कारण जिले में ही नही पूरे बुंदेलखंड में गूंज उठा है लेकिन गांव वाले कह रहे हैं कि ऐसे नामी होने से गुमनामी भली। खनन के कारण गैंगवार की भी नौबत आती रहती है। पिछले साल गोलीबारी में एक ढाबा मालिक घायल भी हो गया था। इसके बावजूद हरे नोटों के चक्कर में न प्रशासन ने बंद कराने में रुचि ली और न तत्कालीन पुलिस ने। अब देखें नई डीएम महाशया की कड़ाई से खनन रोकने में कितना कमाल हो पाता है।





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