18orai02उरई। अखिल भारतीय किसान महासभा ने ओलावृष्टि एवं अनावृष्टि से भुखमरी की कगार पर पहुंचे बुंदेलखंड के किसान को मुफ्त खाद बीज उपलब्ध कराने के साथ ही बिजली बिल व समस्त कर्जे माफ करने की मांग की है।
जिलाधिकारी जालौन को दिए गए राष्ट्रपति भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन में अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला संयोजक का. राजीव कुशवाहा, अश्विनी तिवारी, भाकपा माले व एक्टू के जिला संयोजक का. रामसिंह चैधरी तथा ग्रामीण राजेश, कृष्णपाल, अरूण कुमार, मो. साजिद, राजीव, अनिल कुमार, जगराम, राजकुमार, गोविंद आदि ने अवगत कराया कि विगत कई वर्षो से बुंदेलखंड में किसानों की फसलें कभी ओलावृष्टि, सूखा तथा बरसात से बर्बाद हो रही है जिससे हजारों की संख्या में भुखमरी के दौर से जूझ रहे किसान आत्महत्याए कर रहे वहीं दूसरी तरफ केन्द्र सरकार द्वारा कारपोरेटों के कर्जे तथा टैक्सों को माफ किया जा रहा है। ज्ञापन में किसान महासभा ने मांग की है कि बुंदेलखंड में किसानों के सभी कर्जे माफ किए जाए, किसानों को फसल मुआवजा तथा अविलंब फसल बीमा योजना की धनराशि का भुगतान किया जाए, किसानों को निजी नलकूपों के बिजली बिल माफ कर उन्हें डीजल पर 50 प्रतिशत छूट दी जाए, किसानों की आत्महत्याओं पर 25-25 लाख का मुआवजा दिया जाए, उन्हें खाद बीच मुफ्त देने के साथ ही दस हजार रुपये प्रति माह पेंशन की व्यवस्था की जाए, किसानों के के्रडिट कार्ड से सहायता राशि काटने पर अविलंब रोक लगाई जाए। इसके पूर्व किसान महासभा ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जोरदार नारेवाजी और केन्द्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ मुर्दावाद के नारे लगाते हुए उन्हें किसान विरोधी बताया। किसानों ने कहा कि सरकारे कारपोरेट परस्त बनकर नई आर्थिक नीतियों के तहत भूमंडलीयकरण, वायदा व्यापार, सट्टा मार्केट के तहत कंपनीराज के पैरोकार की तरह काम कर रही है जिससे देश प्रदेश और बुंदेलखंड सहित कई राज्यों में लाखों किसान आत्महत्या कर चुके है आज किसान का बेटा भी कर्जदार है। तो दूसरी तरह डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटी के पैरोकार पूंजीपतियों की गुलामी करके खुद अरबपति बनकर विधान सभाओं और संसद भवन की शोभा बढा़ रहे है।

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