0 बोले एसडीएम, विरासत के मामले 30 जून तक निपटायें वरना भुगतने को तैयार रहें
konch1कोंच-उरई। एसडीएम गोरेलाल शुक्ला ने आज अपने अधीनस्थों की कक्षा लगा कर शासन की मंशा के अनुरूप लंबित विवादों को शीघ्र निपटाने के कड़े निर्देश दिये। उन्होंने राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों को इंगित करते हुये कहा कि अभी खेत खाली हैं लिहाजा भूमि संबंधी ऐसे विवाद जो अदालतों में नहीं हैं, को गांवों में जाकर मौका देखने के बाद उनका तत्काल निपटान कराये। इसके अलावा उन्होंने विरासत दर्ज करने पर भी खासा जोर दिया, कहा कि इसके लिये अभियान 1 मई शुरू हो गया था और हर हाल में 30 जून तक विरासत के सभी मामले निपट जाने चाहिये। अन्यथा की स्थिति कड़ी कार्यवाही भुगतने के लिये तैयार रहें।
शासन की मंशा के अनुरूप एवं जिलाधिकारी संदीप कौर के निर्देश पर एसडीएम कोंच गोरेलाल शुक्ला ने अधीनस्थ स्टाफ के राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों के साथ बैठक कर उन्हें जरूरी दिशा निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी ऐसे मामले जिनमें पक्षकार अदालतों तक नहीं पहुंचे हैं और उन्हें लेकर समाधान दिवस, तहसील दिवस या सामान्य प्रक्रिया के तहत शिकायतें आईं हैं उन्हें गंभीरता से लेकर निदान करना है। चूंकि अभी खेत खाली पड़े हैं लिहाजा नाप जोख आदि करने में आसानी रहेगी, सो इन मामलों में व्यक्तिगत रुचि लेकर गांवों में जायें और मौके पर उभय पक्षों को बुला कर उनका निपटारा करें। उन्होंने लंबे समय से लंबित पड़े विरासतों के मामलों को लेकर भी नाराजगी जताई, कहा कि इसके लिये समय सीमा निर्धारित की जा चुकी है जिसके तहत 1 मई से 30 जून तक सभी विरासतों को निपटाना है, 30 जून के बाद एक भी विरासत पेंडिंग नहीं रहनी चाहिये वरना कड़ी कार्यवाही की जायेगी। इस दौरान एसडीएम ने ओलावृष्टि को लेकर शासन द्वारा प्रदत्त राहत की भी समीक्षा की। उक्त राहत कार्यक्रम के तहत शासन से 7 करोड़ 15 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई थी जिसमें अब तक 6 करोड़ 15 लाख रुपया किसानों के खातों में भेजा जा चुका है, अवशेष 1 करोड़ भी तत्काल भेजने के निर्देशों के साथ उन्होंने लेखपालों को तो निर्देश दिये ही हैं, गांवों के प्रधानों से भी उन्होंने आग्रह किया कि जिन किसानों के खाता नंबर अभी नहीं उपलब्ध हो सके हैं उनके नंबर्स तहसील को उपलब्ध कराने में मदद करें।

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