उरई। जायदाद के विवाद में परिजनों की ताड़ना से तंग महिला ने गांव के बाहर फांसी पर लटककर खुदकुशी कर ली।
मृतका जमानी देवी (55वर्ष) लालपुरा कुठौंद निवासी हरीसिंह की पत्नी थी। दस साल पहले हरी सिंह पत्नी के साथ सिरसाकलार थाने के जखा गांव में आकर अपने भतीजे चंद्रभान के पास आकर रहने लगा था। इसी बीच हरीसिंह की मौत हो गई। जिससे उनके हिस्से की दो एकड़ जमीन और एक घर उसके नाम आ गया। जमानी देवी यह हिस्सा चंद्रभान के पुत्र बाबूसिंह को उसकी सेवा से खुश होने की वजह से देना चाहती थीं।
शनिवार को लालपुर में जमानी देवी के पति के एक और भाई की लड़की का विवाह था। कल वे लोग जमानी देवी के पास आये और अपना हिस्सा अकेले चंद्रभान के लड़के को देने पर विरोध जताने लगे। उन्होंने लड़की की शादी के लिए जमानी देवी से तत्काल दो लाख रुपये की व्यवस्था करने को कहा। इस बात को लेकर उन्होंने जमानी देवी को तमाम अपशब्द भी कहे। इससे क्षुब्ध जमानी देवी आज सुबह 5 बजे शौंच के बहाने घर से निकली और गांव से एक किलोमीटर दूर तिवारी की बगिया में उन्होंने रस्सी से आम के पेड़ पर लटक कर फांसी लगा ली। जानकारी मिलने पर प्रभारी निरीक्षक सत्यदेव सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। प्रभारी निरीक्षक ने फिलहाल लालपुर के जमानी देवी के रिश्तेदारों के खिलाफ आत्महत्या के दुष्प्रेरण का मुकदमा लिखे जाने की संभावना को लेकर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।







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