


0 किसान यूनियन ने की सार्थक पहल, कई नई परंपरायें चलाईं
0 अभिभावकों से कोई रजिस्ट्रेशन फीस नही, समिति के बाहर कोई चंदा नही
उरई। झांसी रोड स्थित रघुवीर धाम में किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लम्बरदार के मुख्य संयोजन में सर्वधर्म, सर्व जातीय सामूहिक कन्या विवाह समारोह आयोजित किया गया। सामूहिक विवाह की परंपरा को स्वच्छ और सार्थक आयाम देने के लिए लम्बरदार और उनकी टीम ने इसमें कई नई परंपरायें स्थापित की।
सूखे के बावजूद बुंदेलखंड में दहेज के रेट में कोई कमी नही आई है। हालत यह है कि पेट्रोल, डीजल की तरह दहेज का रेट भी हर महीने और ऊपर चढ़ जाता है। उस पर तुर्रा यह है कि विवाह समारोह के तामझाम का खर्चा भी आये दिन बढ़ रहा है। गरीब लड़कियों के अभिभावकों के लिए इस चलन से मुसीबत हो गई है। उनके घरों में खाने तक के लाले हैं तो ऊंचा दहेज और खर्चीली शादी के लिए वे रकम कहां से लायें। आवश्यकता आविष्कार की जननी है। इसकी तर्ज पर पिछले कुछ वर्षों से बेहाल गरीब युवतियों के अभिभावकों की उनके हाथ पीले कराने में मदद के लिए सामूहिक विवाह समारोह का क्रम शुरू हुआ। जिसको पहले राजनैतिक माइलेज लेने में मददगार होने के कारण बढ़ावा मिला। इसके बाद कुछ लोगों ने इसकी आड़ में रजिस्ट्रेशन फीस और चंदे के बहाने धंधा शुरू कर दिया। बलराम सिंह लम्बरदार ने जब सामूहिक विवाह के आयोजन की रूपरेखा बनाई तो उनके दिमाग में यह डर समाया था कि रजिस्ट्रेशन फीस और आम चंदा लेने पर कहीं उनकी पहल की बदनामी भी इस तरह के अन्य आयोजनों की तरह न हो जाये। संयोजक मंडल के सदस्य विजय सिंह ने बताया कि इन आशंकाओं के मददेनजर दो फैसले लिये गये। एक न तो किसी अभिभावक से रजिस्ट्रेशन फीस ली जायेगी और न कोई चंदा होगा। दूसरे समारोह स्थल पर कोई राजनैतिक मेला लगने नही दिया जायेगा। इस ऐतिहात के कारण कुछ दिनो पहले शहीद असफाक उल्ला इंटर काॅलेज में हुए मुस्लिम समाज के विवाह समारोह के बाद यह दूसरा आयोजन था जिससे गरीब परिवार की लड़कियों के अभिभावकों को सचमुच काफी तसल्ली मिली।
चार मुस्लिम जोड़ों का निकाह भी इस विवाह समारोह में हुआ। शहर काजी शकील बेग रहमानी की देखरेख में उनसे शादी कबूल करवाई गई। अन्य विवाह कार्यक्रम भी आडंबर से दूरी बनाकर सम्पादित कराये गये। चै. चरण सिंह इंटर काॅलेज में पांत की व्यवस्था हुई थी जिसमें जनातियों और बरातियों की भारी भीड़ ने सुस्वादु भोजन जीमा। बलराम सिंह लम्बरदार और विजय सिंह एडवोकेट के अलावा डाॅ. संगीता सिंह, डाॅ. आरआर सिंह, अशोक कुमार सिंह और प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री महेंद्र सिंह भाटिया ने इस शानदार जलसे का पूरा दारोमदार उठाया। आयोजन समिति ने इसमें यह कहावत मिटाने की कोशिश की कि दान की बछिया के दांत नही देखे जाते। दहेज के सामान से लेकर सारी व्यवस्थाओं में आयोजन समिति ने खुद की लड़की के विवाह जैसा जज्बा दिखाया। किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन व यूनियन की जिला कमेटी ने भी व्यवस्था में जमकर पसीना बहाया। किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने खासतौर पर इस आयोजन के लिए उपस्थित होकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया। पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी, बुजुर्ग शिक्षक नेता राजाराम व्यास और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजीव नारायण मिश्रा ने भी वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए कार्यक्रम में सहभागिता की। विवाह समारोह में शामिल होने आये आम लोगों का कहना था कि यज्ञ और कथाओं में अंधाधुंध पैसा बहाने से ज्यादा पुण्य गरीब कन्याओं का विवाह कराकर जुटाया जा सकता है। इस आयोजन ने हमारी आंखें खोल दी हैं। कार्यक्रम में उपस्थित हर सक्षम आदमी अपनी सामर्थ भर ऐसा आयोजन करने का संकल्प लेकर घर जा रहा है।








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