0 पहली पत्नी न्याय के लिये लगा रही है कोतवाली के चक्कर
31orai07कोंच-उरई। अग्नि के गिर्द सात फेरे लेकर और सात पांच वचनों में बंधने के बावजूद शायद अब पति पत्नी के बीच रिश्तों की और शादी व्याह की कोई अहमियत नहीं रह गई है। ऐसा ही एक मामला आया है ग्राम विरगुवां में जहां पहली व्याहता पत्नी को दुत्कार कर भगा देने के बाद उसके पति ने नाबालिग से दूसरा व्याह रचा लिया। इस स्थिति से आहत पहली पत्नी ने पुलिस कप्तान के यहां न्याय की गुहार लगाई जरूर लेकिन कोतवाली पुलिस उसे न्याय दे पाने में अक्षम साबित हो रही है।
घटनाक्रम के मुताबिक जनपद जालौन के ही ग्राम अमीसा निवासी विकलांग जीवन सिंह खंगार ने अपनी विकलांग बेटी रंजना की शादी वर्ष 2010 में कोंच कोतवाली क्षेत्र के ग्राम विरगुवां निवासी नरेन्द्र सिंह के साथ की थी। शादी से पहले जीवन ने इस बात को भी उजागर कर दिया था कि उसकी बेटी विकलांग है और हैसियत के अनुसार दान दहेज भी दिया था। समय का पहिया घूमा और नरेन्द्र से रंजना को दो संतानें भी हुई जिनमें चार साल की बेटी और साल भर का बेटा भी है। इसी बीच नरेन्द्र का रंजना से जी भर गया और उसने उसे दुत्कार कर घर से भगा दिया। बेचारी मरती क्या न करती, रंजना अपने मायके जाकर रहने लगी। इधर, नरेन्द्र ने अपनी ही रिश्तेदार एक नाबालिग लड़की निवासी वसीठ थाना नदीगांव से कथित रूप से शादी रचा ली, जबकि रंजना को तलाक भी नहीं दिया था। रंजना ने 21 मई को पुलिस अधीक्षक के यहां प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। उक्त प्रार्थना पत्र कोंच पुलिस के पास भेजा गया और पुलिस ने नरेन्द्र तथा दूसरी पत्नी को कोतवाली भी बुलवाया लेकिन बिना किसी निपटारे के उन्हें छोड़ दिया गया। नरेन्द्र की पहली पत्नी अपने पिता के साथ कोतवाली के चक्कर पर चक्कर लगा रही है लेकिन उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है।
साहब, बीबी बच्चे बहुत मारते हैं
0 पत्नी से उत्पीड़ित पति पहुंचा पुलिस की शरण में
31orai08भले ही कानून में महिलाओं को घरेलू या अन्य प्रकार की हिंसा से संरक्षित करने के लिये तमाम कड़े कानूनी प्रावधान किये गये हों लेकिन कभी कभी हकीकत ठीक इसके उलट होती है। तमाम मामलों में पतियों की हालत पत्नियों के कारण पतली रहती है। ऐसा ही एक मामला आया है कस्बे के मोहल्ला भगतसिंह नगर का। उक्त मोहल्ले का रहने वाला जगमोहन कुशवाहा पुत्र धूराम अपने बीबी बच्चों से इतना भयभीत है कि उसे अपनी जान माल की सुरक्षा के लिये पुलिस की शरण में जाना पड़ा है। पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि उसकी पत्नी तथा बच्चे मिल कर उसका बुरी तरह उत्पीडन करते हैं, यहां तक कि सब मिल कर उसकी पिटाई भी कर देते हैं। हालत यह है कि मारे भय के वह घर के अंदर भी नहीं जा पाता है और किसी तरह बाहर रातें गुजार कर दिन काटता है। उसने पत्नी से उसकी रक्षा करने की गुहार लगाई है।

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