रामपुरा-उरई। वोट न देने वाले ग्रामीणों पर नये रोड को उखाड़ देने और रंगदारी मांगने की शिकायत करने वाला प्रधान खुद ही अपने जाल में फंस गया। हकीकत जानने के लिए मौके पर जब पुलिस पहुंची तो कहानी दूसरी निकली। पुलिस ने महिला की तहरीर पर प्रधान व उसके तीन साथियों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
ब्लाॅक क्षेत्र के मिर्जापुर जागीर ग्राम पंचायत के प्रधान श्यामबाबू रजक चुने जाने के बाद पूरे गांव को विश्वास में लेकर विकास कार्यों में जुटने की बजाय चुनाव में जिन्होंने उनको वोट नही दिये थे उन ग्रामीणों को सबक सिखाने के एजेंडे पर काम कर रहे हैं। शनिवार को उन्होंने अपने विरोधियों को फंसाने के लिए षणयंत्र रचा जिसमें उन्होंने थाने जाकर शिकायत की कि अंगदेला मड़ैया के कुछ लोग उनसे 10 हजार रुपये की रंगदारी की मांग कर रहे हैं। जिसे न देने पर उन्होंने नये बने रास्ते को उखाड़ दिया। विरोधी ग्रामीणों पर उन्होंने बंदूक लहराकर धमकाने का भी आरोप लगाया।
प्रधान की शिकायत की वजह से बने तनावपूर्ण माहौल के मददेनजर थानाध्यक्ष राजभइया ने सतर्कता दिखाते हुए फौरन गांव जाकर मामले की जांच की। पता चला कि दूसरों पर दबंगी का आरोप लगाने वाले प्रधान ने खुद ही गांव में दबंगी का प्रदर्शन किया था। प्रधान के पास पूर्व फौजी होने के नाते लाइसेंसी रायफल है। जिससे उसने विरोधियों को धमकाते हुए उनके घर के भीतर घुसकर उन्हें पीटा। रास्ता उखाड़ने के बारे में पता चला कि ब्लाॅक के जेई ने गुणवत्ता की जांच के लिए नमूना लेने को कुछ ईंटे उखड़वा ली थीं। प्रधान ने इसी को बतंगड़ बनाकर विरोधियों पर रास्ता उखाड़ने का आरोप मढ़ने की कोशिश की। इस जांच के बाद पीड़िता गुडडी पत्नी बारेलाल की तहरीर पर थाने में श्यामबाबू रजक और उनके साथी रामसिया, रामकुमार व पप्पू के खिलाफ आईपीसी की धारा 452, 223, 504 व 506 का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।







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