उरई। जिला अस्पताल में एक मरीज की इंजेक्शन लगाये जाने के बाद अचानक मौत हो जाने से परिजनों ने हंगामा काट दिया। अस्पताल प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। बाद में मरीज के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। अधिकारियों ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही अगली कार्रवाई तय की जायेगी।
नदीगांव निवासी पंचम सिंह (30वर्ष) को उसके परिजन पसली में दर्द और पेट फूलने की शिकायत के कारण जिला अस्पताल ले आये थे। ओपीडी में उसे डाॅ अरविंद अवस्थी ने देखा। उन्होंने तत्काल राहत के लिए दो इंजेक्शन लिखे। परिजनों से कहा कि इसके बाद वे अपने मरीज को मेडिकल काॅलेज झांसी ले जायें क्योकि उसकी स्थिति कुछ जटिल है।
बाद में कमरा नं. 15 में जैसे ही पंचम सिंह को इंजेक्शन लगाया गया उसके शरीर में ऐठन हुई और शरीर ठंडा पड़ गया। उसकी मौत की सुगबुगाहट सुनते ही साथ आया उसका भाई मलखान और पत्नी रंजना बौखला गये। उन्होंने जोर-जोर से चीखते हुए बबाल शुरू कर दिया। खबर मिलते ही वरिष्ठ चिकित्साधीक्षक डाॅ. वीवी आर्या ने तत्काल पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को फोन किया। कुछ ही देर में एसडीएम संजय कुमार सिंह और सीओ डाॅ. जंगबहादुर सिंह यादव भारी फोर्स के साथ अस्पताल आ गये। उन्होंने मरीज के परिजनों को सांत्वना बंधाते हुए डैड बाॅडी का पोस्टमार्टम कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अगर इंजेक्शन के रियेक्शन की वजह से मौत हुई होगी तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो जायेगा।
उधर जिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. वीवी आर्या ने मरीज की मौत के पीछे डाॅक्टर की किसी तरह की लापरवाही मानने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि डाक्टर अवस्थी ने पूरी निष्ठा के साथ उसका परीक्षण किया और सही उपचार दिया। दुर्भाग्यपूर्ण है कि उसकी मौत हो गई।







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