जालौन-उरई। जनपद में विद्युत व्यवस्था की दयनीय स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को जनपद को आपातकालीन विद्युत कटौती से मुक्त रखे जाने के आदेश पारित कराने के संबंध में पत्र लिखा।
जिलाधिकारी संदीप कौर ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक सत्यवीर सिंह राठौर को पत्र लिखकर बताया कि जनपद में विद्युत कटौती का शिड्यूल सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक तथा रात्रि में 8 बजे से 10 बजे तक नियत है। परंतु आपातकालीन कटौती के नाम की जा रही विद्युत कटौती से उक्त शिड्यूल का कोई महत्व नहीं रह गया है। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला जनपद जालौन शासन द्वारा सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। जनपद में पानी का जलस्तर काफी नीचे चला गया है। पेयजल के लिए लोग जलकल विभाग द्वारा पानी की टंकी मिलने वाले पानी पर निर्भर हैं। परंतु विद्युत कटौती से लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा रमजान का पवित्र महीना भी शुरू हो चुका है। इसमें मुस्लिम समुदाय के लोग प्रातः काल व देर रात्रि तक मस्जिदों में नमाज अदा करते हैं। ऐसे में उनके लिए भी पानी की उपलब्धता आवश्यक होती है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के राजकीय नलकूपों के संचालन में विद्युत आपूर्ति के व्यवधान से तालाब, पोखर पशुओं के पीने के लिए पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। परंतु विद्युत कटौती से इस कार्य में भी व्यवधान पड़ रहा है। उक्त सभी कारणों से जनमानस में काफी रोष व्याप्त है। जिलाधिकारी ने प्रबंध निदेशक से उक्त समस्याओं को देखते हुए जनपद को आपातकालीन विद्युत कटौती से मुक्त रखे जाने हेतु समुचित आदेश पारित करने की अपील की ताकि इस भीषण गर्मी एवं सूखा की स्थिति में पेयजल जैसी गंभीर समस्या से निपटने में अपेक्षित सहयोग प्राप्त हो सके तथा कानून व्यवस्था प्रभावित होने की किसी भी प्रकार की संभावना न रहे।







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