
0 मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव परैथा का
0 उल्टी दस्त की शिकायत थी एक माह नौ दिन की बच्ची को
कोंच-उरई। नीम हकीम खतरा-ए-जान की कहावत भले ही कितनी भी चरितार्थ क्यों न होती हो, आज भी लोग झोला छाप डॉक्टरों से इलाज कराने में गुरेज नहीं करते हैं। ऐसा ही एक बाकिया कोतवाली क्षेत्र के ग्राम परैथा में प्रकाश में आया है जिसमें एक झोला छाप डॉक्टर ने दवा का ओवर डोज एक नवजात बच्ची को दे दिया और देखते ही देखते बच्ची के प्राण पखेरू उड़ गये। मृतक बच्च्ी के पिता ने कोतवाली पुलिस को मामले की तहरीर दे दी है।
जानकारी के मुताबिक कोतवाली कोंच के ग्राम परैथा के रहने बाले रामकिशोर पुत्र खुशीराम के यहां गत माह एक नवजात बच्ची ने जन्म लिया था। उक्त एक माह नौ दिन की बच्ची को दो दिन पूर्व उल्टी दस्त की शिकायत हुई थी। गांव में बाहर का एक झोला छाप डॉक्टर फेरी लगा कर लोगों का इलाज करने आता था, रामकिशोर ने अपनी बच्ची को उसी डॉक्टर को दिखा दिया। डॉक्टर ने बच्ची को कुछ शीशियों की दवा तथा एक टेबलेट खाने को दी। दवा देकर तथाकथित डॉक्टर चला गया। दवा खाने के कुछ ही देर बाद बच्ची की आंखें चढ गई और देखते ही देखते उसने दम तोड़ दिया। रामकिशोर को डॉक्टर का नाम नहीं मालूम, अलबत्ता उसका फोन नंबर जरूर है जिसके आधार पर उसने कोतवाली में तहरीर दे दी है। कोतवाल मनवीर सिंह ने झोला छाप डॉक्टर के खिलाफ कार्यवाही का भरोसा दिया है।







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