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कोंच-उरई। उत्तरप्रदेश के विकलांगों की समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय विकलांग अधिकार एवं कर्तव्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष देव शर्मा के निर्देश पर संगठन के उत्तर प्रदेश प्रभारीध् राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में अन्य विकलांग जनों के प्रतिनिधि मंडल ने राजभवन लखनऊ जाकर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक से मुलाकात की और उनसे तीन अलग-अलग बिंदुओं पर गहन चर्चा की जिसमें प्रदेश के विकलांगों की पेंशन रुपए 300 से बढ़ाकर रुपए 2500 प्रतिमाह की मांग की।
नरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि सरकार कुष्ठ रोगियों को 2500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दे रही है और विकलांगों को रुपये 300 प्रतिमाह दे रही है। इस महंगाई के दौर में इतनी रकम से गुजारा संभव नहीं हो सकता लिहाजा प्रदेश के विकलांगों को कुष्ठ रोगियों के समान रुपये 2500 प्रतिमाह पेंशन राशि मिलनी चाहिए। वहीं दूसरे मांग पत्र में कहा गया कि विकलांग जनों पर होने वाले उत्पीडन के विरुद्ध प्रदेश में सशक्त विकलांग आयोग का गठन कर विकलांग जनों को ही आयोग का अध्यक्ष, उपाध्यक्ष आदि पदों पर नियुक्ति किया जाए। जिससे विकलांग जनों पर होने बाले अत्याचारों, विकलांगो के अधिकारों का हनन और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज करने बालों पर दंडात्मक कार्यवाही की जा सके। एक अन्य मांग पत्र में कहा गया कि उत्तर प्रदेश में रिलीज होने वाली फिल्म श्हाउसफुल-थ्री्य का प्रसारण सिनेमाघरों में रोका जाए क्योंकि इस फिल्म में अस्थि, मूकबधिर, नेत्रीहीन विकलांगों को लेकर अत्यंत ही उपहास जनक बनाया गया है। फिल्म के डायरेक्टर और कलाकार अभिषेक बच्चन, रितेश देशमुख, अक्षय कुमार आदि ने देश के करोड़ों दर्शकों को इस तरह से फूहड़ कॉमेडी परोस कर विकलांगों को मजाक का पात्र बनाया है जो गलत है, इस तरह से विकलांग जन अपना मजाक नहीं होने देंगे। इसी के साथ विकलांगों के अन्य मूलभूत सुविधाएं भी मांगी। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में ललित कुमार शर्मा, रमाकांत तिवारी, एसडी वाजपेई, सूरज यादव आदि लोग मौजूद रहे।

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