08orai01उरई। बेअसर प्रशासन के कारण मातहत बेलगाम हैं। सरकार और उच्चाधिकारियों के बार-बार कड़े निर्देशों के बावजूद राजस्व के निचले स्तर के कार्मिक दैवीय आपदा से पीड़ित किसानों का कफन खसोट शोषण करने से बाज नही आ रहे जिससे प्रशासन के नाकारापन का खुला परिचय मिल रहा है।
महेबा ब्लाॅक के सधारा गांव के तमाम किसानों को अभी तक ओलावृष्टि से हुए फसल के नुकसान का मुआवजा नही मिल पाया है। इस गांव में लेखपाल का चार्ज कानूनगो काशीप्रसाद का हैं। जिसने अपने पावर गांव के ही एक गैर सरकारी दलाल को डेलीगेट कर रखे हैं। जिन ग्रामीणों ने दलाल को उसके द्वारा मांगी गई रकम नही दी दलाल ने उसकी चैक नही बनने दी। बुधवार को जिला मुख्यालय पर आये सधारा निवासी लाखन सिंह, अशोक सिंह, बैजनाथ सिंह, कोमल सिंह, हाकिम सिंह, रामलखन, विजय सिंह, कढ़ोरे, नबाव सिंह, रामजी, कमलेश आदि ने बताया कि दलाल ने उनमें से किसी से हजार रुपये तो किसी से तीन हजार रुपये अग्रिम मांगे थे। जब उन्होंने रुपये नही दिये तो उनकी चैक कानूनगो ने नही बनायी।
ग्रामीणों ने बताया कि वे लोग 24 मई को इसकी शिकायत एसडीएम कालपी से कर चुके हैं। लेकिन एसडीएम का कानूनगो और लेखपाल पर शायद हिसाब-किताब चलने की वजह से कोई जोर नही रह गया है। इसके कारण अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नही हुई। पीड़ित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से उनके खातों में नुकसान का मुआवजा पहुंचाने और कानूनगो व दलाल को दंडित कराने की मांग की।

Leave a Reply