09orai0409orai03
उरई। शहीद भगत सिंह साइंस महाविद्यालय में आॅल इण्डिया स्टूडेंटस फैडरेशन का जिले का एकदिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित हुआ जिसकी अध्यक्षता कार्यक्रम की संयोजक पूर्णिमा चैरसिया ने की। संचालन नीवन प्रजापति ने किया।
इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में पधारे जेएनयू दिल्ली के छात्र नेता और एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव आशीष स्र्टगल ने उदघाटन भाषण में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र व राज्य सरकारें समान शिक्षा नीति लागू न करके शिक्षा माफियाओं को बढ़ाने का काम कर रहीं हैं। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2013-14 में स्कूल शिक्षा के लिए 46,995 करोड़ रुपये की व्यवस्था की थी लेकिन 2015-16 में इसमें 3,302 करोड़ रुपये की कटौती कर केवल 43,554 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। शिक्षा पर बढ़ते हमले शैक्षणिक बजट में कटौती, भारी फीस वृद्धि, शिक्षा का निजीकरण व व्यापारीकरण और शिक्षा के भगवा करण के जरिये केंद्र सरकार माहौल बिगाड़ने में जुटी हुई है। विद्यार्थियों की फैलोशिप छीनी जा रही है। जहां छात्र इसका विरोध कर रहे हैं वहां उनकों हर तरह से दबाया जा रहा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, जेएनयू और हैदराबाद में रोहित बेमुला सुसाइड मामले इसका उदाहरण हैं।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश स्टूडेंटस फैडरेशन के नेता मयंक चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद छात्रों के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया गया है। विद्यार्थी परिषद उसके सहयोग में छात्र विरोधी षणयंत्रों की भूमिका निभा रही है। जगह-जगह वामपंथी और अंबेडकरवादी छात्र संगठनों पर हमले किये जा रहे हैं। इसलिए सभी छात्रों को मुफ्त व समान शिक्षा छात्र संघ के चुनाव और रोजगार के लिए एकजुट संघर्ष करान चाहिए। एआईएसएफ के संघर्ष के लिए सबसे उपयुक्त मंच है। सम्मेलन में प्रमुख वक्ता और नौजवान सभा के प्रदेश अध्यक्ष काॅ. विनय पाठक ने कहा कि यह गौरव केवल एक छात्र संगठन एआईएसएफ को ही हासिल है कि उसका जन्म आजादी के आंदोलन के कोख से हुआ। एआईएसएफ ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया जबकि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का इतिहास अंग्रेजी हुकूमत को बचाने के लिए समर्पित था। उसके आनुषागिंक संगठन एबीवीपी द्वारा छात्रों को साम्प्रदायिकता और जातिवाद भड़काकर बांटने की कोशिश की जा रही है। छात्रों को अपने शैक्षिक हितों के साथ-साथ विद्यार्थी परिषद के छात्र विरोधी कृत्यों का भी जबाव देना होगा।
सम्मेलन में आॅल इण्डिया स्टूडेटस फैडरेशन की 11 सदस्यीय संयोजन समिति बनाई गई। जिसमें संयोजक पूर्णिमा चैरसिया और नवीन प्रजापति व राजवीर यादव सहसंयोजक के अलावा जूली गौतम, रवि राठौर, वंदना चैधरी, वर्षा चैधरी, नीशू चैधरी, नरेंद्र राठौर, वंदना चैरसिया व अंकित साहू शामिल किये गये हैं। सूरज बाथम, सौरभ साहू, विकास चैरसिया, अमित शर्मा, रोहित गौतम, विकास गौतम, सुरेंद्र कुशवाहा, रजत चैरसिया, आकाश चैरसिया, अक्षत पाठक, अंकुर पाठक, निशाग्र पटेल, शैलेंद्र कुमार, कपिल पाठक, ध्रुव कांत शाक्य, संदीप कुमार, बृजेश राठौर, रंक्षिंदा साहू, साक्षी नायक, पूजा, किरन पाल, अलका चैधरी कोमल देवी, रीता पाल, लाल सिंह राठौर, वीर सिंह राठौर, गजेंद्र सिंह, राधा देवी, शबनम देवी, कंचन देवी, मालिनी मिश्रा, प्रेरणा तिवारी, दिव्या मिश्रा, प्रगति चैरसिया आदि छात्र-छात्राओं ने भी सम्मेलन में उत्साहपूर्ण भागीदारी की।

Leave a Reply