cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। उत्तर प्रदेश के नपुंसक पुलिस नेतृत्व की वजह से खाकी पर हमले की जुर्रत थम नही पा रही। मथुरा में दो पुलिस अधिकारियों को शहीद किये जाने के बाद उम्मीद की गई थी कि खाकी पल्टन के मुखिया का खून कुछ गरम होगा जिससे कुछ ऐसा किया जायेगा कि किसी को सरकारी अधिकारियों और पुलिस पर हमला बोलने के पहले सौ बार सोचना पड़े। लेकिन इस बीच पुलिस का रुतबा इतना पिलपिला हो चुका है कि असामाजिक तत्व और माफिया अपने पराक्रम को बढ़ाने की रिहर्सल सबसे साॅफ्ट टाॅरगेट मानकर पुलिस पर ही करने की आदत बना चुके हैं।
गुरुवार की रात जिले में भी ऐसा ही हुआ, जब मुहाना घाट पर एसडीएम संजय कुमार सिंह व सीओ सिटी डाॅ. जंग बहादुर सिंह यादव ने छापा मारा जहां से अवैध रूप से ट्रैक्टरों के जरिये बालू की निकासी हो रही थी। उन्होंने मौरंग भरे ट्रैक्टर को सीज करने के लिए रोक लिया। इसके बाद अवैध खनन करा रहे मौरंग माफिया असलहों से लैस होकर मौके पर आ गये और अधिकारियों की मौजूदगी की परवाह किये बिना उन्होंने ट्रैक्टर छुड़ाने के लिए आतंक जमाना शुरू कर दिया। इस क्रम में उन्होंने एक होमगार्ड को इतना मारा कि वह बुरी तरह लहूलुहान हो गया। अधिकारी माफिया और उसके गुर्गो के तेवर देखकर सहम गये। उनकी मौजूदगी में ही उसने पकड़ा ट्रैक्टर आगे बढ़वा दिया।
बाद में इस घटना को लेकर प्रशासनिक हलकों में आज तक भारी खलबली मची रही। उधर इस हलचल की वजह से खनिज विभाग में आज संवाद कार्मिकों को प्रोत्साहन राशि का वितरण नही हो सका। समय पर प्रोत्साहन राशि न मिलने पर असंतोष जताते हुए संवाद कार्मिकों ने कहा कि लोगों को सूचना पोषण का उत्तरदायित्व निभाने में उनकी कुशलता इस तरह के व्यवहार की वजह से प्रभावित होती है। जिससे उच्चाधिकारियों को ध्यान देना चाहिए।

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