cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngमहेबा-उरई। उस युग में जिसमें अंतरिक्ष में बस्तियां बसाने की तैयारी हो रही है आर्थिक महाशक्ति कहलाने वाले इस देश में ग्रामीणों के आवागमन के लिए सुगम सड़के तक न होना शर्मनाक है।
कालपी-मदारीपुर रोड के किनारे के गांवों के लोग ऊबड़-खाबड़ सड़कों की वजह से भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। भौगोलिक दुर्गमता की वजह से अतीत में इस क्षेत्र के गांवों में विकास की एक किरण भी पहुंचाना मुश्किल था लेकिन अब जबकि एक्सप्रेस-वे जैसी सड़कों का दौर शुरू हो गया है। उसके बावजूद इन गांवों की आदिम हालत आज भी बरकरार है। गांवों की दुर्दशा की मुख्य वजह है संपर्क मार्गों की जर्जर हालत। महेबा से टिकावली, कालपी मदारीपुर मुख्य रोड से निवहना, मुख्य रोड से सिकरी रहमानपुर और मुसमरिया, मुख्य रोड से निपनियां, मुख्य रोड से सतराजू, मुख्य रोड से डड़वा, मुख्य रोड से हिम्मतपुर, नूरपुर से नसीरुददीन, अररिया आदि सारे संपर्क मार्ग उखड़े पड़े हैं। जिन पर से मोटर साइकिल तक आसानी से नही निकल पाती। न तो सरकार का ध्यान इस ओर है और न ही प्रशासन का ध्यान। अपनी किस्मत पर आंसू बहा रहे उक्त गांवों के बाशिंदें विधानसभा चुनाव के समय सत्तारूढ़ पार्टी को सबक सिखाने की बात खुलेआम कर रहे हैं। लेकिन लगता है कि सरकार के स्थानीय खैरख्वाह उनकी आह को ऊपर तक पहुंचाने का कोई प्रयास नही कर रहे हैं।

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