उरई। टोल प्लाजा पर डीसीएम चालक की प्लाजा के कर्मचारियों से बहस हो गई जिसके बाद गुस्से में प्लाजा कर्मचारियों ने चालक और खलासी को लोहे की राॅड से वहशियाना अंदाज में जमकर पीटा। पुलिस भी मौके पर थी लेकिन उसने प्लाजा कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाये मामला रफा-दफा करा दिया।
आटा टोल प्लाजा पर शनिवार को रात लगभग 10 बजे झांसी से भैंसे लादकर अलीगढ़ जा रही डीसीएम के चालक की पर्ची बनवाते समय प्लाजा स्टाॅफ के साथ बहस हो गई। गुंडागर्दी पर आमादा प्लाजा स्टाॅफ को इस कहासुनी के कारण इतने जोरों का गुस्सा आया कि वे लोग लोहे की राॅड लेकर डीसीएम ड्राइवर अइया पर पिल पड़े। उसे खून खच्चर देखकर खलासी शमसुददीन बचाने के लिए दौड़ा तो टोल कर्मचारियों ने उसे भी नही बख्शा। उस पर भी प्लाजा स्टाफ ने बेरहमी से राॅड से वार किये।
जैसा कि विदित है आज के समय पुलिस सरकार की नही टोल टैक्स, बालू खनन आदि माफियाओं की नौकर हो गई है। प्लाजा स्टाॅफ को इतना ज्यादा गुस्सा आने की एक वजह पुलिस की उसे मिली शह भी रही। पुलिस मौके पर मौजूद थी। लेकिन उसने प्लाजा कर्मचारियों को कानून हाथ में लेने से रोकने की कोई कोशिश नही की। जब उन्होंने पूरा गुस्सा उतार लिया उसके बाद पुलिस ने घायल ड्राइवर और खलासी को अपनी सुपुर्दगी में ले लिया और इलाज के लिए उरई आकर एक प्राइवेट नर्सिंग होम मे भर्ती करा दिया। इसी दौरान उन पर प्लाजा वालों से समझौता करने का दबाव भी डाला। पुलिस ने धमकी दी कि अगर समझौता न किया तो वे डीसीएम का चालान कर देंगे। मरता क्या न करता यह सोचकर डीसीएम के ड्राइवर और खलासी ने समझौता करने में ही खैर मानी।






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