उरई। पुलिस की पहचान नकारात्मक भूमिका के लिए है लेकिन कई बार पुलिस सुखद मोड़ लाने में भी सहायक बनती है। कैलिया पुलिस को भी ऐसा ही अवसर मिला जिसका बखूबी इस्तेमाल कर वह लोगों की सराहना और शाबाशी की हकदार बन गई है।
थाना नदीगांव के अंतर्गत ग्राम अकनीबा की रहने वाली वीना पुत्री गंगा प्रसाद और ईश्वरी के रहने वाले महेंद्र पुत्र सियाराम के बीच पुरानी रिश्तेदारी के चलते परिचय प्यार में बदल गया। जिससे दोनों ने अभिभावकों के सामने विवाह के लिए रजामंदी देने का प्रस्ताव रखा। न जाने किस हिचक की वजह से अभिभावकों ने प्रेमी युगल को विवाह की हरी झंडी देने में शुरू में ही टालमटोल जताई लेकिन जब उनके इरादे अटल देखे तो उन्होंने हा तो कर दी लेकिन जल्द ही एक पेंच उलझा दिया। एक पक्ष तत्काल शादी के लिए अड़ गया। तो दूसरा पक्ष सर्दियों में शादी की शर्त रखने लगा। इस विवाद की आड़ में प्रेमी युगल को रंग में भंग होने का खतरा सताया। जिस पर वे गहरे सोच में पड़ गये।
अंततोगत्वा महेंद्र और वीना ने एक नया रास्ता तलाशा जिसके तहत दोनों कैलिया थाने पहुंच गये। वैसे तो यह पुलिस का मामला नही था इसलिए एसओ प्रमोद कुमार चाहते तो दोनों को दो टूक जबाव देकर थाने के बाहर कर देते। लेकिन सामाजिक फर्ज निभाने की मंशा ने उन्हें दोनों के अभिभावकों के बीच सहमति बनाने के लिए मशक्कत करने को प्रेरित कर डाला। उन्होंने प्रेमी-प्रेमिका के अभिभावकों को बुलाया। राहुल तिवारी एडवोकेट और जिला पंचायत सदस्य महंत कृष्णपाल सिंह जैसे सर्वमान्य गणमान्यों को भी उन्होंने बुला लिया। उनके मानवीय दृष्टिकोण की वजह से कुछ घंटों की बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने तत्काल विवाह की रजामंदी भर दी। मंदिर में विवाह की रस्में कराई गई। इस दौरान भी एसओ प्रमोद कुमार और एसआई नवीन तिवारी मौजूद रहे। प्रेमी-प्रेमिका एक-दूसरे को माला डालकर जीवनसाथी बन गये तो उनके अभिभावकों ने भी आपसी खटास पर पूरी तरह विराम लगाते हुए विदाई देने आदि की सारी रस्में सदभावना के साथ पूरी की।






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