उरई। अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थियों को उनके लिए निर्धारित गेंहूं और चावल इस महीने से सितंबर तक पूरी तरह मुफ्त दिया जायेगा। महीने की 5, 8, 11, 15, 18 और 21 तारीख को कोटेदार लक्षित परिवारों को पर्यवेक्षण अधिकारी की उपस्थिति में राशन का वितरण करेंगे। गरीबों के लिए फ्री राशन की ब्लैक मार्केटिंग न होने देने के लिए शासन काफी गंभीर है। जिला स्तरीय अन्य अधिकारियों के साथ-साथ जिलाधिकारी से कहा गया है कि वे भी सभी ब्लाॅकों में वितरण के समय गांवों में पहुंचे तांकि पारदर्शिता से वितरण सुनिश्चित हो सके। कोटेदार को राशन सामग्री देते समय की फोटोग्राफी करानी पड़ेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने डीएम से गांव-गांव का एलबम भिजवाने को कहा है।
जिलाधिकारी संदीप कौर ने सोमवार को कलैक्ट्रेट सभाकक्ष में पत्रकार वार्ता आयोजित कर सूखे को देखते हुए अंतिम छोर पर खड़े परिवारों को भुखमरी के छाया से बचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किये गये सुनिश्चित प्रबंधों की जानकारी दी। गौरतलब है कि इस मामले में जालौन जिले का प्रोजेक्शन ठीक न होने के कारण मंडलायुक्त के. राममोहन राव ने डीएम संदीप कौर को खासतौर से हिदायत दी थी कि वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के तहत गरीबों को राहत के लिए राज्य सरकार द्वारा किये गये प्रबंधों से उन्हें मीडिया के माध्यम् से अवगत करायें।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 32203 अंत्योदय कार्ड धारक ग्रामीण क्षेत्र में 5563 नगरीय क्षेत्र में हैं। प्रत्येक अंत्योदय कार्ड धारक को 15 किलों गेंहूं और 20 किलो चावल निःशुल्क दिया जायेगा। जबकि 2 किलोग्राम चीनी साढ़े तेरह रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराई जायेंगी। उन्होनंे बताया कि 1लाख 93हजार 198 पात्र गृहस्थियों के राशनकार्ड में 8लाख 98हजार 578 जनसंख्या कवर की गई है। इन राशनकार्डों पर प्रति यूनिट साढ़े तीन किलोग्राम गेंहूं तथा डेढ़ किलोग्राम चावल निःशुल्क मिलेगा। जबकि प्रति यूनिट 900 ग्राम चीनी साढ़े 13 रुपये प्रति कुंतल की दर से दिलाई जायेगी। जिले को अंत्योदय कार्ड धारकों के लिए 566.490 मीट्रिक टन गेंहूं और 755.320 मीट्रिक टन चावल और पात्र गृहस्थियों के लिए 3145.023 गेहंू और 1347.867 मीट्रिक टन चावल का आवंटन उपलब्ध कराया गया है।
जिलाधिकारी ने स्वीकार किया कि पात्र गृहस्थियों के चयन और अंत्योदय के नाम हटाने जोड़ने में धांधली की बड़े पैमाने पर शिकायते जिले में मिल रही हैं जिन्हें स्वीकार नही किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई होगी और वास्तविक रूप से मोहताज किसी परिवार को निःशुल्क राशन की सुविधा से वंचित नही रहने दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के दायरे में शामिल किये जाने वाले परिवारों की आॅन लाइन अपडेटिंग में अभी छह महीने का समय और लगेगा। जिसके बाद पूरी तरह दुरुस्त आंकड़े उपलब्ध कर लिये जायेंगे।
जिलाधिकारी ने बताया कि ओला वृष्टि के कारण फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा बांटने के लिए 38करोड़ 57लाख 662 रुपये का बजट जिले को प्राप्त हुआ था। जिसमें से केवल 60 लाख रुपया अवशेष रह गये हैं। बांकी पूरा बजट बांटा जा चुका है। इस दौरान परियोजना अधिकारी डीआरडीए चित्रसेन, जिला पूर्ति अधिकारी गिरीश शुक्ला, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. एसके शाक्य आदि उपस्थित थे।






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