0 विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर पडरी में आयोजित हुआ विधिक साक्षरता शिविर
konch2कोंच-उरई। बीती शाम समीपस्थ ग्राम पडरी में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में सिविल जज जूनियर डिवीजन विजय कुमार कटियार ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुये कहा कि माता पिता को चाहिये कि वे अपने नाबालिग बच्चों से किसी भी प्रकार की मजदूरी न करायें, साथ ही उन्हें यह भी चाहिये कि वे स्वयं कोई काम करें और अपने बच्चों को स्कूल जरूर भेजें। उन्होंने साफतौर पर कहा कि बच्चों से श्रम कराना कानूनी तौर पर अपराध है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय पडरी में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर का विषय था विश्व बाल श्रम निषेध दिवस। शिविर की अध्यक्षता करते हुये सिविल जज जूनियर डिवीजन विजय कुमार कटियार ने कहा कि ग्रामीणों को कानूनों की मोटी मोटी जानकारियां होना आवश्यक है। उन्होंने बाल श्रम को लेकर कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को काम करने देने के बजाये उनको बेहतर शिक्षा दिलायें। नायब तहसीलदार अमरसिंह ने कहा कि शिक्षा के अधिकार के तहत बच्चों को पढाई का अधिकार दिया गया है, उन्हें इस अधिकार से वंचित करने बाला कानून में अपराधी माना जाता है लिहाजा अभिभावकों की ड्यूटी है कि बच्चों से काम न करायें बल्कि उन्हें अच्छी शिक्षा दिलायें ताकि आगे चल कर वे भी देश और समाज की सेवा कर सकें। संचालन करते हुये अधिवक्ता विजय नारायण निगम ने भी बाल श्रम की आलोचना करते हुये कहा कि जो उम्र बच्चों के खेलने और पढने की है उस उम्र में उनसे मजदूरी कराना गलत है। शिविर को एसएसआई विनोदकुमार मिश्रा, एसआई रवीन्द्रकुमार त्रिपाठी ने भी संबोधित किया। इस दौरान अधिवक्ता दीनानाथ निरंजन, पूर्व प्रधान पडरी रामप्रकाश निरंजन, प्रधान मंशाराम, अखिलेश श्रीवास्तव, लेखपाल सदर नरेन्द्रसिंह, राजस्व निरीक्षक बलराम सहित तमाम ग्रामवासी मौजूद रहे।

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