cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। एक ओर मोदी सरकार बाबा साहब की भक्ति का नाटक कर रही है दूसरी ओर इसके थिंकटैंक बाबा साहब की क्षमताओं और योगदान पर उंगलियां उठा रहे हैं। इससे साबित हो जाता है कि तथाकथित हिंदुत्ववादी फोर्स में वर्ण व्यवस्था के माइंडसैट के चलते दलितों और पिछड़ों के प्रति जहर भरा हुआ है। बाबा साहब के सच्चे अनुयायी अपने प्रेरणा स्रोत पर किसी हमले को बर्दास्त नही करेंगे।
भारतीय रिपब्लिकन पार्टी के मंडल अध्यक्ष मनोज कुमार अहिरवार के नेतृत्व में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के मोदी सरकार द्वारा नियुक्त प्रमुख रामबहादुर राय के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने संविधान निर्माण में बाबा साहब की भूमिका को कमतर करने के लिए कहा कि संविधान बाबा साहब ने नही लिखा था। तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी वीएन राऊ जो सामग्री डाॅ. अंबेडकर को देते थे वे उसकी भाषा सुधार देते थे। इसके अलावा उनकी संविधान निर्माण में कोई भूमिका नही थी।
मनोज अहिरवार ने इस बयान को बेहद निंदनीय करार देते हुए इसे दलितों की भावनाओं पर कुठाराघात करार दिया। उन्होंने कहा कि रामबहादुर राय संघ की छात्र पलटन विद्यार्थी परिषद का राष्ट्रीय अध्यक्ष रहा है। राय का वैचारिक पोषण इसी कारण संघ की आधी-अधूरी और उपनिवेशवादी मानसिकता से ओतप्रोत ज्ञान के जरिये हुआ है। इसीलिए वह मूढ़ मति है। उन्होंने कहा कि दलित अपने भगवान के इस अपमान का बदला बीजेपी से जरूर लेगा। मनोज अहिरवार के नेतृत्व में इसे लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन भी दिया गया। इस दौरान धर्मेंद्र कुमार वर्मा, शत्रुघ्न सिंह, लाखन सिंह, आरडी सागर, हरगोविंद, रामप्यारी, रेशमी आदि भी उपस्थित थे।

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