14orai02 14orai03रामपुरा-उरई। जंगल से बड़े पैमाने पर काट कर ले जाये जा रहे हरे पेड़ों का जखीरा खबर मिलते ही एसडीएम के पहुंच जाने की वजह से पकड़ लिया गया।
रामपुरा क्षेत्र में पचनद के बीहड़ों में एक समय शीशम, कदम्ब, आम, नीम आदि बड़े छायादार पेड़ों का गहन झुरमुट जगह-जगह दिखाई देता था जो जंगल की शोभा का कारण था और इससे जनजीवन को काफी लाभ भी मिलता था। गर्मियों के दिनों में खासतौर से मवेशी चराने वालों के लिए इन पेड़ों की छांव सुखद पनाहगाह बनती थी। लेकिन यह पेड़ धीरे-धीरे खत्म होते गये क्योंकि जब बाड़ ही खेत खाने लगे तो कौन है जो फसल बचा सकता है। जंगल की रखवाली वन विभाग द्वारा की जाती है लेकिन एक अरसे से वन विभाग के लोग ही इस इलाके में वृक्षारोपण की बजाय ऊपरी कमाई की चक्कर में हरे पेड़ों पर आरा चलवा रहे हैं। शीशम का तो इस इलाके से सफाया ही हो गया है जबकि पचनद की शीशम अपने इमारती इस्तेमाल में सबसे उम्दा मानी जाती थी। शीशम न रह जाने से इलाके का पर्यावरणीय और पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ गया है जिससे पचनद की नदियों का पानी तक दूषित हो चला है। कई वन्य जीवों का सफाया पेड़ों के न रह जाने से आहार और छाया की कमी के कारण हो चुका है।
खतरे की घंटी बजाती इन स्थितियों के बावजूद बचे खुचे वन की सुरक्षा के लिए अभी भी कोई गंभीरता नही दिखाई जा रही। वन विभाग और पुलिस विभाग की सांठगांठ से वृक्षों के हत्यारे निरंतर पचनद के बीहड़ क्षेत्र में अपनी कारगुजारियों को अंजाम देने में जुटे हुए हैं। माधौगढ़ के नये एसडीएम श्री सोनी को क्षेत्र में अवैध वृक्ष कटान का धंधा जोरों पर चलने की सूचना मिली थी। जिससे उन्होंने सुरागरशी कराई। मंगलवार को सुबह उन्हें पता चला कि बुढ़नपुरा के जंगल में पेड़ काटे जा रहे हैं। पुलिस और वन विभाग से यारी होने के कारण वृक्ष माफिया बेखौफ थे। लेकिन एसडीएम की गाड़ी देखकर उनका नशा हिरन हो गया। गाड़ी दूर से ही उन्हें जब दिखाई पड़ी तो उनमें भगदड़ मच गयी। मौके पर कटी लकड़ी लादने के लिए खड़ा ट्रैक्टर व लकड़ी एसडीएम ने जब्त कर ली। बताया गया है कि नीम और शीशम के लगभग पांच पेड़ काट दिये गये थे। एसडीएम ने आरा व अन्य मशीने भी जब्त कर लीं। उन्होंने बताया कि लकड़ी कटवा रहे माफिया का नाम पता लगाने की कोशिश की जा रही है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। जो वनकर्मी और पुलिस कर्मी इसमें संलिप्त होगें उनके खिलाफ उनके विभाग को रिपोर्ट भेजी जायेगी।

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