21orai01उरई। इंद्रजीत सिंह यादव के हाल में अध्यक्ष बनने के बाद समाजवादी पार्टी की जिला इकाई की उनकी अध्यक्षता में पहली बैठक रविवार को इकलासपुरा स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित हुई। इस बैठक में उन पुराने चेहरों की भीड़ दिखाई दी जो कि हाल के दौर में महत्व न मिलने की वजह से घर बैठ गये थे। पहली बैठक में इंद्रजीत सिंह यादव ने जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशी की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने आसना खातून को जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी अधिकृत कर दिया है। सोमवार को वे नामांकन दाखिल करने जायेगीं। इस दौरान पार्टी के सभी नेता उनके नामांकन जुलूस में एकजुटता दिखाने के लिए शामिल रहें।
बुजुर्ग नेता इंद्रजीत सिंह यादव के हाथ में एक बार फिर जिले में पार्टी संगठन की बागडोर सौंपकर समाजवादी पार्टी ने उन्हें चुनावी सेनापति बना दिया है। कार्यभार संभालते ही उनके सामने पहली चुनौती जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर समाजवादी पार्टी का कब्जा बनाये रखने की है। उन्होंने रविवार को अपनी सदारत में पार्टी की बैठक बुलाने का एजेंडा पहले से तय कर रखा था। लेकिन यह संयोग है कि उनकी बैठक शुरू होने के ऐन पहले लखनऊ में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी का ऐलान पार्टी के महासचिव अरविंद सिंह गोप ने प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हवाले से कर दिया। उनकों जिताने की जिम्मेदारी एक बार फिर गरौठा के विधायक दीपनारायण सिंह यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए पार्टी का प्रभारी बनाकर विधिवत सौंपी गई है। पिछली बार भी वर्तमान प्रत्याशी आसना खातून की भाभी फरहानाज के चुनाव के समय दीपनारायण यादव ही समाजवादी पार्टी के प्रभारी थे और उन्ही के हाथों सपा प्रत्याशी को समर्थन देने का नजराना सदस्यों ने हासिल किया था। जाहिर है कि जब दीपनारायण यादव हिलने-डुलने वाले सदस्यों का कंधा पकड़कर उन्हें याद दिलायेंगे कि आप पूरे कार्यकाल तक के लिए सपा के समर्थन का अनुबंध कर चुके हैं। इसलिए आपको मुकरने का कोई अधिकार नही है तो शायद ही किसी सदस्य को अगर-मगर करने का मौका मिल पाये।
समाजवादी पार्टी की आज की बैठक में हर कोई हाजिर रहने के लिए तत्पर था। इसलिए घर बैठे सारे लोग आज फिर से सक्रिय होने का एहसास दिलाते हुए पार्टी की बैठक मे आये। इंद्रजीत सिंह यादव को सारे गुट निरापद मान रहे है इसलिए आज की बैठक में न तो कोई गुटबाजी दिखी और न ही कोई अनुशासनहीनता। जो कुछ लोग नही आ पाये वे लखनऊ में जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशी के फैसले के लिए हाईकमान के दरबार में हाजिरी बजा रहे थे। उनमें से कई दिग्गज नेताओं ने छुटटी लेने के अंदाज में फोन पर इंद्रजीत सिंह यादव को इसकी जानकारी भी दी और यह भी बताया कि वे लोग लखनऊ से चल दिये हैं। अगर समय से आ गये तो सबसे पहले पार्टी की बैठक में आयेगे।
बैठक में उपस्थित प्रमुख लोगों में सदर विधायक दयाशंकर वर्मा, विष्णुपाल सिंह नन्हू राजा, लाखन सिंह कुशवाहा, एमएलसी प्रतिनिधि आरपी निरंजन, कमर अहमद, पूर्व विधायक कालपी डाॅ. अरुण मेहरोत्रा, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष आनंद यादव, माधौगढ़ से गत चुनाव में सपा प्रत्याशी रहे केशवेंद्र सिंह, नबाव सिंह यादव, दीपराज गुर्जर, मधुप्रकाश श्रीवास्तव, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीराम पाल, मांडवी निरंजन, वीरेंद्र सिंह यादव, संजय साहिनी, जहीरुददीन मिर्जा, विजय निस्वा आदि उल्लेखनीय रहे।

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