cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। जिले के समाजसेवियों की बैठक युवा समाजसेवी अंशुमन सिंह सेंगर के आवास में सपन्न हुई। जिसमें सूखा ग्रस्त जिले में राहत के नाम पर खानापूर्ति, राशन वितरण में धांधली व बैंकों द्वारा छोटे किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड न बनाने पर आक्रोश जताया एवं समाज सेवियों द्वारा जल्द ही इन समस्याओं को लेकर आंदोलन का मार्ग प्रशस्त किया जायेगा।
दलित चिंतक पंकज सहाय ने कहा कि अखिलेश सरकार द्वारा सूखाग्रस्त बुंदेलखंड राहत कार्य सिर्फ कागजी बनकर रह गया है। छोटे किसानों के पास फसल बोने के लिए धन का अभाव है। बैंकों के अधिकारी उनके किसान क्रेडिट कार्ड नही बना रहे हैं। यहद बन भी रहे है तो वहां भी उनसे रिश्वत ली जा रही है। राशन है किंतु पूर्ति विभाग की अकर्मण्यता के कारण हजारों परिवार राशन से वंचित हैं। कोटेदार मोटा कमीशन अधिकारियों को देकर राशन को खेल बाजार में बेचकर मोटा माल कमा रहा है। मिडडे मील, पुष्टाहार योजना का भी हाल दयनीय है।
मुसलिम समाज सेवी भाई कल्लन खां ने कहा कि समाजवादी सरकार में बुंदेलखंड सिर्फ लूटा गया है। जिला जालौन में जर्जर सड़के ध्वस्त कानून व्यवस्था और बिजली फाल्ट इसके गवाह है। विकास के नाम पर सत्ता धारी नेताओं ने अपनी कोठिया व लग्जरी गाड़ियों की लाईन लगा ली है।
युवा समाजसेवी नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जिले के आलाधिकारियों के पास प्रतिदिन सैकड़ों शिकायतों का अम्बार लगा रहता है फिर भी उनकी सुनवाई नही है। सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य सेवायें सब भगवान भरोसे है। अधीनस्थ अधिकारी बजट न होने की बात कहकर कुम्भकरणीय नींद में सोये रहते हैं।
युवा समाजसेवी अंशुमान सिंह सेंगर ने कहा कि अखिलेश यादव सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में जो हीला-हावाली की है उसे समाजसेवी कतई बर्दास्त नही करेगें। सूखाग्रस्त जिला जालौन के लोगों मंे त्राहि-त्राहि का आलम है और सरकार अपने चुनावी रणनीति में मसगूल है। इसलिए जिले की इन समस्याओं को लेकर जल्द ही समाजसेवी सड़़कों पर उतर कर संघर्ष करने को मजबूर हैं।
बैठक में प्रमुख रूप से अशोक गौतम, कुलदीप यादव, मोनू कुशवाहा, रोहित यादव, शहजाद अंसारी, सत्यनारायन तिवारी एवं मानसिंह विश्वकर्मा आदि युवा समाजसेवी मौजूद रहे।

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