21orai05 21orai06 21orai07 21orai08उरई। माताटीला बांध से चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण बेतवा खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर पहुंच गई है। विकराल बाढ़ के कारण नदी किनारे के गांवों के लोग दहशत में बदहवासी की हालत में देखे जा रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने कहा कि अभी तक गांवों के अंदर पानी पहुंचने का कोई अंदेशा नही है। उधर पथरेहटा में बचाव नौका के डूब जाने से आधा दर्जन ग्रामीण नदी में गिर गये थे जिन्हें सकुशल निकाल लिया गया है। आधा दर्जन मोटर साइकिलें भी नदी में चली गई हैं जिनका कोई पता नही चल रहा है।
मध्यप्रदेश में बेतवा के जल समेट क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश की वजह से नदी पूरे उफान पर पहुंच गई है। माताटीला बांध में पानी सीमा से ऊपर हो जाने के कारण फाटक खोलने पड़े। चार लाख क्यूसेक पानी बांध को सुरक्षित करने के लिए निकाला गया। जिसके बाद नदी ने और हाहाकारी रूप धारण कर लिया। जिले में मुहाना पर बेतवा का जल स्तर 124.13 मीटर पर पहुंच गया है जो कि खतरे के निशान से 2.12 मीटर ऊपर है। बेतवा के इस उफान की वजह से कोंच तहसील के भरसूड़ा गांव और उरई तहसील के अमरोड़ व सिकरी व्यास गांवों में एलर्ट घोषित कर दिया गया है। कालपी तहसील के पथरेहटा में नाले का पानी रपटा के ऊपर से बहना शुरू हो गया जिसके बाद नाले में बचाव के लिए चार नावें डाली गईं। इनमें से एक नाव नाले में पलट जाने से आधा दर्जन लोग पानी मेें गिर गये। लेकिन अन्य ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। प्रशासन के आश्वस्त करने के बावजूद बेतवा किनारे के गांवों में अफरा-तफरी मची हुई है। लोग रात में शायद ही नदी बढ़ने के डर से सो पायें।

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