उरई। आॅल इंडिया रूरल इम्प्लाॅयज एसोसिएशन के नेताओं ने बैंकों का 35 प्रतिशत हिस्सा प्राइवेट कंपनियों को बेचे जाने के फैसले के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजा दिया है।
एसोसिएशन के नेता काॅमरेड शगुन शुक्ला ने रविवार को एक स्थानीय होटल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि रूरल बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों को अभी केवल वेतन का दो या तीन प्रतिशत पैंशन के रूप में दिया जाता है। हमारी यह भी मांग है कि राष्ट्रीयकृत अन्य बैंकों की तरह रूरल बैंक कैडर को भी वेतन का 50 प्रतिशत पैंशन में दिलाने का आदेश किया जाये। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्राइवेट हिस्सेदारी को लेकर सरकार से कर्मचारी यूनियनों के साथ बातचीत करके अपनी राय से अवगत कराने के लिए कह चुकी है लेकिन केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट की भी अवहेलना कर रही है।
उन्होंने कहा कि एसोसिएशन सभी सांसदों से अपने पक्ष के बारे में संपर्क करेगी। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन सरकार की नैतिकता को झकझोरने के लिए एसोसिएशन के द्वारा सामूहिक उपवास का आयोजन किया जायेगा। पत्रकार वार्ता में अशोक शुक्ला महामंत्री, कृष्णकांत अवस्थी सचिव, उरई शाखा के अध्यक्ष अशोक दीक्षित, एके शुक्ला, अरविंद त्रिपाठी, अखिलेश सिंह और निर्मल सिंह भी उपस्थित रहे।







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